रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश में सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता को लेकर लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है। मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सड़कों के निर्माण में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। घटिया निर्माण पाए जाने पर न केवल संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई होगी, बल्कि दोषी ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट भी किया जाएगा।
“सड़कें सरकार की छवि का आईना”
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क निर्माण केवल एक तकनीकी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर आम जनता की सुविधा और सरकार की विश्वसनीयता से जुड़ा विषय है। उन्होंने निर्देश दिए कि:
- अधिकारी केवल निर्माण के बाद निरीक्षण न करें, बल्कि काम के दौरान नियमित फील्ड विजिट कर गुणवत्ता सुनिश्चित करें।
- सड़कें ऐसी हों जो लंबे समय तक चलें; यदि सड़क 4 साल भी नहीं टिकती, तो ऐसे निर्माण का कोई औचित्य नहीं है।
- मुख्यमंत्री ने बागबहार-कोतबा सड़क की जर्जर स्थिति पर गहरी नाराजगी जताते हुए इसकी उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
300 गांवों की कनेक्टिविटी प्राथमिकता पर
मुख्यमंत्री ने संवेदनशील रुख अपनाते हुए कहा कि प्रदेश के लगभग 300 ऐसे गांव चिन्हित किए गए हैं, जिनका बारिश के दिनों में संपर्क पूरी तरह टूट जाता है। बीमारों को खाट पर ले जाने वाली स्थितियों को खत्म करने के लिए इन गांवों को प्राथमिकता के आधार पर सड़कों और पुल-पुलियों से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।
निर्माण कार्यों के लिए नई नियमावली और आधुनिक डिजाइन
बैठक में लोक निर्माण विभाग के कामकाज को आधुनिक बनाने पर भी चर्चा हुई:
- लो-रेट टेंडर पर लगाम: ‘बिलो रेट’ पर टेंडर लेने वाले ठेकेदारों की जवाबदेही तय होगी। उन्हें निर्धारित समय और गुणवत्ता का पालन हर हाल में करना होगा।
- वर्टिकल बिल्डिंग: शासकीय भवनों के पुराने डिजाइनों को बदलकर अब आधुनिक और वर्टिकल (बहुमंजिला) संरचनाओं पर जोर दिया जाएगा ताकि जमीन का बेहतर उपयोग हो सके।
- राष्ट्रीय राजमार्गों की समीक्षा: NH-43 (मनेंद्रगढ़-जशपुर) सहित अंबिकापुर-रामानुजगंज और रायपुर-दुर्ग जैसे महत्वपूर्ण मार्गों की प्रगति की समीक्षा की गई।
बस्तर और अन्य प्रमुख मार्ग
बस्तर संभाग में 17 सड़कों और पुल-पुलियों के निर्माण सहित लैलूंगा-तमनार मार्ग के निर्माण पर विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को एक ऐसा सिस्टम (App या पोर्टल) विकसित करने को कहा जिससे सड़कों के गड्ढों की जानकारी तुरंत मिले और उन्हें समय पर ठीक किया जा सके।
बैठक में उपस्थिति: इस उच्चस्तरीय बैठक में उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
