बेमेतरा:- ज़िले के ग्रामीण सहित नगरीय इलाकों में पर्यावरण के अत्यंत हानिकारक बायो मेडीकल वेस्ट के कचरे को बिना डिस्पोज व प्रबन्धन के ही सड़क किनारे फेंके जा रहे है, जो बेहद गम्भीर गतिविधि है। जानकारी के मुताबिक ग्रामीण व नगरीय क्षेत्रों में बिना अनुमति एवं डिग्रीधारी झोलाछाप चिकित्सकों की भरमार है जो उपचार के दौरान उपयोग हुए बायो मेडिकल वेस्ट के कचरे को खुले में फेंक रहे है, जिसमे सुई-सिरिंज से लेकर वॉल व बॉटल दिखाई दे रहे है। वैसे तो ताज़ा घटनाक्रम नगर मुख्यालय साजा से लगे ग्राम डोंगीतराई में जनपद कार्यालय मार्ग पर दिख रहा है, जहां पर कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय से कुछ मीटर की दूरी पर सड़क किनारे बड़ी मात्रा में निडिल, सूई, सिरिंज व अन्य हानिकारक सामग्रियों को फेंका गया है, जिससे पशुओं सहित आमजन कभी भी हादसे का शिकार हो सकते है। देखा जाए तो सड़क किनारे चारा खाने के चक्कर में पशुओं के मुंह पर सुई चुभ सकती है एवं बच्चो के सम्पर्क में आने से संक्रमण होने की आशंका है। वैसे तो इस मार्ग पर सरकारी अफसरों व कर्मचारियों का शासकीय क्वार्टर होने एवं जनपद सहित अन्य आधा दर्जन शासकीय दफ्तर होने से यहां हमेशा अधिकारियों की आवाजाही होते रहती है, जिसमे किसी के द्वारा ध्यान नही दिए जाने से मामला और भी गम्भीर हो जाता है। उल्लेखनीय है कि बायो मेडिकल वेस्ट के कचरे का प्रबंधन शासन-प्रशासन की दिशानिर्देश पर सुनियोजित ढंग से की जाती है इसके उल्लंघन पर कड़ी दण्डात्मक कार्यवाही का प्रावधान है, किन्तु कार्यवाही के अभाव में गैर कानूनी ढंग से चिकित्सकीय कार्य को अंजाम दे रहे जिलेभर के झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा इस गतिविधि को अंजाम दिया जा रहा है। जिस पर ज़िला प्रशासन द्वारा त्वरित कार्यवाही किये जाने की जरूरत है।
