खैरागढ़/राजनांदगांव: छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्र में स्थित एशिया की दूसरी सबसे बड़ी और भारत की सबसे लंबी प्राकृतिक गुफाओं में शुमार ‘मंडीप खोल’ के द्वार वर्ष 2026 में मई के पहले पखवाड़े में खुलने की संभावना है। परंपरा के अनुसार, यह गुफा हर साल अक्षय तृतीया (आखा तीज) के ठीक बाद आने वाले पहले सोमवार को खुलती है।
वर्ष 2026 में अक्षय तृतीया 20 अप्रैल (सोमवार) को पड़ रही है। इस गणना के अनुसार, गुफा के कपाट 27 अप्रैल 2026 (सोमवार) को खुलने की प्रबल संभावना है। हालांकि, आधिकारिक तिथि की घोषणा स्थानीय उत्सव समिति और प्रशासन द्वारा ऐन वक्त पर की जाती है।
क्यों खास है यह गुफा?
मंडीप खोल गुफा केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि प्रकृति और रोमांच का अद्भुत संगम है। इसकी कुछ प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:
- दुर्लभ दर्शन: यह गुफा साल के 364 दिन बंद रहती है। केवल एक दिन के लिए इसके द्वार आम जनता और श्रद्धालुओं के लिए खोले जाते हैं।
- प्राकृतिक शिवलिंग: गुफा के भीतर चूना पत्थर (Limestone) के कटाव से प्राकृतिक रूप से निर्मित एक विशाल आकृति है, जिसे श्रद्धालु ‘मंडी बाबा’ या महादेव के रूप में पूजते हैं।
- एशिया की दूसरी बड़ी गुफा: भौगोलिक दृष्टि से इसे एशिया की दूसरी सबसे बड़ी गुफा माना जाता है। इसकी लंबाई लगभग 4,500 फीट बताई जाती है, जो घने जंगलों और पहाड़ों के बीच छिपी है।
- 16 नदियों का सफर: यहां पहुंचना आसान नहीं है। श्रद्धालुओं को पैदल चलते हुए लगभग 16 छोटे-बड़े नदी-नालों और पथरीले रास्तों को पार करना पड़ता है।
परंपरा और इतिहास
गुफा के खुलने के दिन सबसे पहले क्षेत्र के स्थानीय जमींदार परिवार द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना की जाती है। इसके बाद ही आम श्रद्धालुओं को प्रवेश मिलता है। स्थानीय लोगों की मान्यता है कि इस गुफा में कई प्राचीन रहस्य दफन हैं। गुफा के भीतर अंधेरा इतना घना होता है कि बिना टॉर्च या मशाल के प्रवेश संभव नहीं है, लेकिन इसके बावजूद भीषण गर्मी में भी गुफा के अंदर का तापमान बेहद ठंडा और सुखद रहता है।
यात्रा के लिए महत्वपूर्ण सुझाव
- पैदल यात्रा: मुख्य सड़क से गुफा तक पहुंचने के लिए लगभग 8 से 10 किलोमीटर का सफर दुर्गम रास्तों से तय करना होता है।
- तैयारी: चूंकि यह घना जंगली क्षेत्र है, इसलिए अपने साथ पर्याप्त पानी, प्राथमिक चिकित्सा किट और टॉर्च जरूर रखें।
- भीड़: साल में सिर्फ एक दिन खुलने के कारण यहां हजारों की संख्या में भीड़ उमड़ती है, इसलिए प्रशासन की गाइडलाइंस का पालन करना अनिवार्य है।
नोट: 2026 की यात्रा पर जाने से पहले स्थानीय समाचार पत्रों या जिला प्रशासन की आधिकारिक विज्ञप्ति के माध्यम से अंतिम तिथि की पुष्टि अवश्य कर लें।

