भिलाई/दुर्ग। दुर्ग पुलिस ने नशे के सौदागरों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। चौकी स्मृतिनगर और एसीसीयू (ACCU) की संयुक्त टीम ने दवा कंपनी के प्रतिनिधि की आड़ में प्रतिबंधित नशीली सिरप की तस्करी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मुख्य सरगना समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से भारी मात्रा में नशीली सिरप व वाहन बरामद किए हैं।
फर्जी ड्रग लाइसेंस के जरिए खेल
पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि गिरोह का मुख्य सरगना योगेश शर्मा एक वास्तविक ड्रग लाइसेंस में एडिटिंग कर अपने नाम का फर्जी लाइसेंस तैयार कर चुका था। इसी फर्जी लाइसेंस और फर्जी लेटरपैड-सील के आधार पर वह गुजरात की कंपनियों से ‘इंडिया मार्ट’ और ई-कुरियर के माध्यम से कोडीन युक्त प्रतिबंधित सिरप मंगाता था।
घेराबंदी कर पकड़ी गई खेप
23 अप्रैल 2026 को पुलिस को सूचना मिली थी कि जुनवानी-खम्हरिया रोड पर एक सेंट्रो कार में भारी मात्रा में नशीली सिरप की सप्लाई होने वाली है। पुलिस ने तत्काल घेराबंदी की और कार (CG-07/8595) को रोककर तलाशी ली। कार के अंदर 7 कार्टूनों में 800 नग प्रतिबंधित CADIFOS-T सिरप बरामद हुई।
गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने इस मामले में निम्नलिखित आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
- योगेश शर्मा (41 वर्ष): निवासी कादम्बरी नगर, दुर्ग (मुख्य मास्टरमाइंड)।
- उमेष कुमार यादव (42 वर्ष): निवासी पदुमनगर, चरोदा।
- महावीर जैन उर्फ रोहित (38 वर्ष): निवासी पोलसाय पारा, दुर्ग।
- सतीश मेश्राम (40 वर्ष): निवासी शंकर नगर, दुर्ग।
5 लाख का माल बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 5 लाख रुपये का मशरूका जब्त किया है, जिसमें शामिल हैं:
- 800 नग नशीली सिरप (कीमत लगभग 2.08 लाख रुपये)।
- एक सेंट्रो कार और एक एक्टिवा।
- 04 मोबाइल फोन और बिक्री की नकद राशि।
कड़ी धाराओं में कार्रवाई
पकड़े गए आरोपी युवाओं को ऊंचे दामों पर यह सिरप बेचकर उन्हें नशे का आदी बना रहे थे। पुलिस ने सभी के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 22, 8(ख), 27(क) और 29 के तहत मामला दर्ज किया है।
दुर्ग पुलिस की अपील:
पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके आसपास किसी भी प्रकार की नशीली दवाओं या अवैध गतिविधियों की जानकारी मिले, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। अपराधियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

