दुर्ग (भिलाई): जिला दुर्ग के जामुल थाना क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं पर लगाम कसते हुए पुलिस ने एक अंतरजिला गिरोह को पकड़ने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने गिरोह के मुख्य सरगना सहित 6 आरोपियों और एक विधि विरुद्ध बालक को हिरासत में लिया है। पकड़े गए आरोपियों के पास से करीब 5 लाख रुपये का मशरूका बरामद किया गया है।
दो बड़ी चोरियों का खुलासा
जामुल क्षेत्र के हाउसिंग बोर्ड इलाके में पिछले महीने चोरी की दो बड़ी वारदातें हुई थीं। पहली घटना 13 अप्रैल को प्रार्थिया सिम्मी अहिरवार के घर हुई, जहाँ चोरों ने आलमारी तोड़कर नकदी और चांदी के जेवरात पार कर दिए थे। दूसरी घटना 24 से 28 अप्रैल के बीच प्रार्थी देव सिंह थापा के सूने मकान में हुई, जहाँ से चोरों ने सोने-चांदी के गहने और घरेलू सामान साफ कर दिया था।
सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों से खुला राज
चोरियों की गंभीरता को देखते हुए ACCU (एण्टी क्राईम एवं सायबर यूनिट) और जामुल पुलिस की एक संयुक्त टीम बनाई गई। टीम ने इलाके के दर्जनों सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मुखबिरों को सक्रिय किया। जांच के दौरान पुलिस को आदतन अपराधी अर्जुन सिंह उर्फ गोरखा (25 वर्ष) पर शक हुआ। जब उसे घेराबंदी कर पकड़ा गया और कड़ी पूछताछ की गई, तो उसने अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया।
बरामद सामान और गिरोह का विवरण
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर निम्नलिखित सामान बरामद किया है:
- जेवरात: सोने का हार, अंगूठी, लॉकेट, कान की बाली और चांदी के कई बर्तन व सिक्के।
- इलेक्ट्रॉनिक्स: एक एलसीडी टीवी और चोरी के पैसों से खरीदे गए 2 वीवो मोबाइल फोन।
- वाहन और औजार: घटना में इस्तेमाल की गई एक्टिवा (CG 04 DG 9853) और दरवाजे तोड़ने के औजार।
- कुल कीमत: लगभग 5 लाख रुपये।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम:
पुलिस ने अर्जुन सिंह के अलावा सोनू सरदार (19), तोप सिंह बंजारे (30), शेख रशीद (29), हेमा जांगड़े (35) और रूबी कौर (32) को गिरफ्तार किया है। इनमें से अधिकांश आरोपी पहले भी मारपीट और आर्म्स एक्ट जैसे मामलों में जेल जा चुके हैं।
पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि वे परिवार सहित घर से बाहर जा रहे हों, तो पड़ोसियों या स्थानीय थाने को सूचना जरूर दें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के खिलाफ इस तरह की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

