भिलाई/दुर्ग। दुर्ग पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा कारोबार के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतर्राज्यीय ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। थाना छावनी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य सरगना (मास्टरमाइंड) सहित कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी नागपुर (महाराष्ट्र) से छिपकर उत्तर प्रदेश और बिहार के युवकों के माध्यम से करोड़ों रुपये का अवैध सट्टा कारोबार चला रहे थे।
क्या है पूरा मामला?
थाना छावनी पुलिस को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी कि भिलाई निवासी निशांत कुमार गुप्ता लंबे समय से विभिन्न राज्यों में ठिकाने बदलकर ऑनलाइन सट्टे का अवैध संचालन कर रहा है। पुलिस ने जाल बिछाकर निशांत को हिरासत में लिया, जिसके पास से “C-B. Cricket Buzz Betting App” एवं “RubyBet” जैसे प्लेटफॉर्म्स के संचालन के सबूत मिले।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी ने महाराष्ट्र के नागपुर में एक मकान किराए पर ले रखा था, जहाँ उसने उत्तर प्रदेश और बिहार से आए युवकों को काम पर लगा रखा था।

करोड़ों का अवैध कारोबार और आधुनिक नेटवर्क
आरोपी गिरोह द्वारा प्रतिमाह लगभग 1.50 करोड़ रुपये का ऑनलाइन ट्रांजेक्शन किया जा रहा था। इस पूरे सिंडिकेट को चलाने के लिए फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्राप्त बैंक खातों, एटीएम कार्डों और सिम कार्डों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस ने बताया कि सट्टे की अवैध कमाई को खपाने के लिए आरोपी ने इसे कई बैंक खातों में परत-दर-परत ट्रांसफर किया ताकि पुलिस की पकड़ से बचा जा सके।
बड़ी मात्रा में उपकरण और गहने जब्त
पुलिस की टीम ने नागपुर स्थित ठिकाने पर छापा मारकर 26 मोबाइल, 3 लैपटॉप, 2 आईपैड और 85 एटीएम कार्ड सहित भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। इसके अलावा, सट्टे की कमाई से खरीदे गए लगभग 23 लाख रुपये मूल्य के सोने और डायमंड के आभूषण भी जब्त किए गए हैं, जो भिलाई के एक ज्वेलर्स के पास गिरवी रखे गए थे।
आरोपियों पर दर्ज मामले
दुर्ग पुलिस ने सभी 9 आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम की धारा 7, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं (112, 61(2), 317(2), 317(3), 317(4)) तथा टेलीकॉम अधिनियम की धारा 42 के तहत मामला पंजीबद्ध किया है।
गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं:
मुख्य आरोपी निशांत कुमार गुप्ता के अलावा उत्तर प्रदेश और बिहार के 8 अन्य युवक, जिन्हें वेतन के लालच में इस अवैध धंधे में शामिल किया गया था।
दुर्ग पुलिस की इस त्वरित और रणनीतिक कार्रवाई ने अंतर्राज्यीय सट्टा गिरोह की कमर तोड़ दी है, और पुलिस अब गिरोह के अन्य नेटवर्क व वित्तीय संपर्कों की विस्तृत जांच कर रही है।
