दुर्ग: जिले के पुलगांव थाना क्षेत्र में जमीन बेचने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने जमीन का सौदा कर पूरी रकम तो ले ली, लेकिन नामांतरण के दौरान साजिश रचकर उसे रुकवा दिया। शिकायत के आधार पर पुलगांव पुलिस ने पिता-पुत्र के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने मौजा चन्दखुरी में स्थित खसरा नंबर 1227/1 (रकबा 0.0420 हेक्टेयर) जमीन खरीदने का सौदा किया था। इस जमीन के एवज में शिकायतकर्ता ने आरोपियों को बैंकिंग माध्यम से 25 लाख 51 हजार रुपये का भुगतान किया। आरोपियों ने शिकायतकर्ता के साथ पंजीकृत विक्रय पत्र भी निष्पादित कर दिया।
नामांतरण के समय रची साजिश
आरोप है कि पैसे लेने और रजिस्ट्री के बाद जब शिकायतकर्ता ने राजस्व विभाग में नामांतरण की प्रक्रिया शुरू की, तो आरोपियों ने जानबूझकर वहां आपत्ति दर्ज करा दी। इसके चलते नामांतरण प्रक्रिया निरस्त हो गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपियों ने पहले उसे भरोसे में लिया, लेकिन बाद में राजस्व प्रक्रिया में हस्तक्षेप कर उसके साथ आर्थिक धोखाधड़ी की है।
पुलिस की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दस्तावेजों की जांच की, जिसमें प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी के साक्ष्य मिले हैं। थाना पुलगांव में आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 318(4), 336(3), 338, 340(2) और 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
आरोपियों के नाम:
- गुपेन्द्र कुमार निर्मलकर, निवासी चन्दखुरी, दुर्ग।
- खिलेन्द्र कुमार निर्मलकर, निवासी चन्दखुरी, दुर्ग।
दुर्ग पुलिस की नागरिकों से अपील
इस घटना के बाद दुर्ग पुलिस ने आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है। पुलिस ने कहा है कि कोई भी व्यक्ति भूमि क्रय-विक्रय करने से पहले दस्तावेजों, मालिकाना हक और राजस्व रिकॉर्ड का बारीकी से सत्यापन जरूर करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
फिलहाल, पुलगांव पुलिस मामले की विवेचना कर रही है और जब्त किए गए विक्रय पत्र, सहमति पत्र व अन्य दस्तावेजों का परीक्षण किया जा रहा है।
