राजनांदगांव: जिले के थाना डोंगरगांव क्षेत्र में नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म करने के मामले में पुलिस ने त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए आरोपी को नागपुर (महाराष्ट्र) से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बालिका को भी सकुशल बरामद कर लिया है।
क्या था पूरा मामला
प्रार्थी ने थाना डोंगरगांव में आकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग पुत्री 19 अगस्त 2026 की रात करीब 10 बजे घर से बिना बताए कहीं चली गई है और वापस नहीं लौटी। परिजनों द्वारा आसपास के गांवों, रिश्तेदारों और सहेलियों के यहां तलाश करने के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिला। प्रार्थी की शिकायत पर डोंगरगांव थाने में बीएनएस की धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया था।
पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में बनी टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर और एसडीओपी डोंगरगांव मंजूलता बाज के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक आशीर्वाद राहटगांवकर के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। टीम को आरोपी की तलाश और बालिका की बरामदगी के लिए नागपुर (महाराष्ट्र) रवाना किया गया था।
नागपुर से दस्तयाब हुई बालिका, आरोपी गिरफ्तार
विवेचना के दौरान पुलिस को सुराग मिला कि बालिका को बहला-फुसलाकर ले जाने वाला आरोपी कैलाश उइके (उम्र 20 वर्ष, निवासी- ग्राम लिलामेटा, चौकी उकवा, थाना रूपझर, जिला बालाघाट, म.प्र.) नागपुर में है। पुलिस टीम ने 4 सितंबर 2026 को नागपुर के मैक्स ग्लोरी अपार्टमेंट में दबिश देकर आरोपी को धर दबोचा और उसके कब्जे से नाबालिग बालिका को सकुशल दस्तयाब किया।
पूछताछ में आरोपी द्वारा अपराध स्वीकार किए जाने के बाद पुलिस ने उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है।
सराहनीय भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी डोंगरगांव निरीक्षक आशीर्वाद राहटगांवकर, प्रशिक्षु उप निरीक्षक रमाकांत कुर्रे, सहायक उप निरीक्षक गोवर्धन देशमुख और आरक्षक रामचरण साहू की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
