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धमधा: ‘राइस एंड शाइन’ स्कूल की मनमानी पर प्रशासन का कड़ा शिकंजा, अभाविप के संघर्ष के बाद डीईओ ने जारी किया कारण बताओ नोटिस

​दुर्ग/धमधा:-अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के निरंतर संघर्ष और मुखर विरोध के बाद धमधा स्थित ‘राईस एंड साईन’ स्कूल की मनमानी और अनियमितताओं के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अभिभावकों के शोषण और विद्यालय की कार्यप्रणाली के खिलाफ मिली शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी , दुर्ग ने स्कूल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और 03 दिनों के भीतर जवाब तलब किया है।

​🔍 जांच में प्रमाणित हुईं ये गंभीर अनियमितताएं

​प्रशासनिक जांच के दौरान विद्यालय प्रबंधन की कई गंभीर लापरवाहियां और मनमाने रवैये सामने आए हैं, जो इस प्रकार हैं:

  • ​टीसी (TC) रोकने और फीस वापसी पर रोक: स्कूल छोड़कर जा रहे छात्रों का ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) न देने और जमा फीस वापस न करने की शिकायत सही पाई गई है। प्रबंधन इस संबंध में कोई भी वैध दस्तावेज या ‘नॉन-रिफंडेबल’ होने का लिखित प्रमाण देने में असमर्थ रहा।
  • ​कर्मचारियों का वेतन रोकना: विद्यालय प्रबंधन द्वारा अपने कर्मचारियों का वेतन रोके जाने की बात भी पुष्ट हुई है। प्रबंधन ने दो महीने (फरवरी 2025) का वेतन रोकने की बात स्वीकार तो की, लेकिन इसके समर्थन में कोई उचित दस्तावेज पेश नहीं कर सका।
  • ​अवैध लेट फीस वसूली: छात्रों द्वारा फीस जमा करने में विलंब होने पर ₹200 प्रति माह की दर से अतिरिक्त शुल्क (अधिभार) वसूलने का अवैध खेल चल रहा था, जो जांच में सही पाया गया।
  • ​महंगी किताबें और बैग के लिए बाध्य करना: नर्सरी से कक्षा 8वीं तक के पालकों को खुले बाजार में पुस्तकें उपलब्ध न कराकर स्कूल से ही महंगी किताबें और स्कूल बैग खरीदने के लिए जबरन बाध्य किया जा रहा था।

​⚖️ नियमों का स्पष्ट उल्लंघन और संभावित कार्रवाई

​जिला शिक्षा अधिकारी के पत्र के मुताबिक, स्कूल की यह कार्यप्रणाली निम्नलिखित कानूनों का सीधा उल्लंघन है:

  • ​निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 (नियम 13)
  • ​छतीसगढ़ अशासकीय विद्यालय फीस विनियमन अधिनियम 2020 (नियम 10)

​प्रस्तावित दंडात्मक कार्रवाई:

नियमों के इस गंभीर उल्लंघन के चलते विद्यालय की मान्यता समाप्त करने तथा संग्रहित की गई अतिरिक्त फीस का 02 गुना जुर्माना (दंड) अधिरोपित करने का प्रस्ताव रखा गया है।

​⏳ 03 दिनों के भीतर मांगा गया जवाब

​कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी एवं नोडल अधिकारी (RTE), दुर्ग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, विद्यालय प्रबंधन (अध्यक्ष/सचिव व प्राचार्य) को पत्र प्राप्ति के 3 दिवस के भीतर अपना संतोषजनक जवाब और संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है। तय समय सीमा में जवाब न मिलने पर नियमानुसार कठोर अग्रिम दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

​✊ अभाविप का संकल्प: शोषण के खिलाफ जारी रहेगा संघर्ष

​अभाविप धमधा के नगर मंत्री रितेश सिन्हा द्वारा दर्ज कराई गई आधिकारिक शिकायत और छात्र संगठन के तीखे विरोध के बाद यह बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई संभव हो सकी है। इस कार्रवाई से क्षेत्र के शिक्षा माफियाओं और मनमानी करने वाले निजी स्कूलों में हड़कंप मच गया है।

​अभाविप के नेताओं ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया है कि छात्र-छात्राओं और उनके पालकों का आर्थिक व मानसिक शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि समय पर उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो अभाविप और भी उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी।

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