छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में गर्भवती माताओं के स्वास्थ्य और सुरक्षित प्रसव को सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह मुस्तैद है। कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई के निर्देश तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शरद कोहाड़े एवं सिविल सर्जन डॉ. लोकेश साहू के मार्गदर्शन में जिलेभर में स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।

सामान्यतः यह अभियान प्रतिमाह की 09 एवं 24 तारीख को आयोजित होता है, परंतु माह नवंबर की 9 तारीख को शासकीय अवकाश होने के कारण शासन के दिशा-निर्देशानुसार इस बार प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) का आयोजन 7 नवंबर, दिन शनिवार को किया जाएगा।
सभी शासकीय स्वास्थ्य केंद्रों में होगी विशेष जांच
यह महत्वपूर्ण अभियान बेमेतरा जिले के जिला चिकित्सालय सहित समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों , प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और चिन्हांकित उप स्वास्थ्य केंद्रों में चलाया जाएगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं में प्रसव पूर्व उच्च जोखिम वाले लक्षणों की समय रहते पहचान करना और विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा उनका गुणवत्तापूर्ण प्रबंधन सुनिश्चित करना है, जिससे मातृ मृत्यु अनुपात को प्रभावी ढंग से कम किया जा सके।
अभियान के प्रमुख बिंदु और व्यवस्थाएं
सफल क्रियान्वयन के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष फोकस करते हुए सतत निरीक्षण की व्यवस्था की गई है:
- शत-प्रतिशत एचआरपी पहचान: उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की त्वरित पहचान और सोनोग्राफी सुविधाएं।
- सेवाओं की निगरानी: पीएसएमएसए फ्लो चार्ट के अनुसार हितग्राहियों को दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की ट्रैकिंग।
- विशेषज्ञों की भागीदारी: स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञों (OBG) तथा निजी चिकित्सकों की सक्रिय सहभागिता।
- परामर्श: गर्भवती महिलाओं को उचित पोषण, संस्थागत प्रसव के महत्व और खतरे के लक्षणों की जानकारी देना।
स्वास्थ्य अधिकारियों की अपील
CMHO डॉ. शरद कोहाड़े और सिविल सर्जन डॉ. लोकेश साहू ने जिले की सभी गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों से अपील की है कि वे 7 नवंबर (शनिवार) को अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या जिला अस्पताल पहुंचकर इस अभियान का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपनी स्वास्थ्य जांच अवश्य कराएं।
