बेरला / कवर्धा:-सरस्वती शिक्षा संस्थान, रायपुर (छत्तीसगढ़ प्रांत) की योजनानुसार सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय समिति प्रबंध कार्यकारिणी की दुर्ग विभाग स्तरीय बैठक स्थानीय बेरला विद्यालय परिसर में रविवार को सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस बैठक में विद्यालयों के चहुंमुखी विकास, शैक्षणिक गुणवत्ता में वृद्धि और विद्यालयों के प्रभावी संचालन को लेकर कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
विभिन्न विद्यालयों के पदाधिकारी और प्राचार्य रहे उपस्थित
बैठक में जामगांव (आर), बटरेल, दुर्ग पावर हाउस, सेक्टर-4 भिलाई, कैलाश नगर कुम्हारी सहित दुर्ग विभाग के अंतर्गत आने वाले विभिन्न विद्यालयों—जामगांव (आर), बटरेल, पंडरिया, बेमेतरा, वैशाली नगर भिलाई, बिरकोना, नेहरू नगर भिलाई, पिपरिया धमधा, कवर्धा, बोड़ला, भिलाई-3, सेक्टर-4 भिलाई, कुम्हारी, कसारीडीह, जामुन, साजा, थानखम्हरिया, नवागढ़ और बेरला के समिति अध्यक्ष, व्यवस्थापक, कोषाध्यक्ष और प्राचार्य/प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।
इन प्रमुख बिंदुओं पर हुई चर्चा
बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित विषयों पर विचार-विमर्श किया गया:
- विद्यालयों के उत्कृष्ट क्रियान्वयन और आपसी समन्वय पर जोर।
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अंतर्गत कौशल विकास को बढ़ावा देना।
- ’विद्या भारती अमृत महोत्सव वर्ष 2026′ के कार्यक्रमों की रूपरेखा।
- गत परीक्षा परिणामों के आधार पर किए गए कार्यों की समीक्षा और आगामी कार्ययोजना तैयार करना।

अतिथियों के विचार: संस्कार के साथ आधुनिक शिक्षा पर जोर
कार्यक्रम के दौरान अतिथि दीर्घा में संस्थान के अध्यक्ष रामभरोसा सोनी (पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी), संस्थान प्रशिक्षण निदेशक आशुतोष चावरे, विभाग प्रमुख डॉ. राघवेन्द्र नाथ मिश्रा, संस्थान के वरिष्ठ हरीश लुनिया और दुर्ग विभाग समन्वयक हरिश्चंद्र साहू मंचासीन रहे।
- आशुतोष चावरे (प्रशिक्षण प्रमुख): उन्होंने कहा कि संस्कार प्रधान हिंदी माध्यम वाले सरस्वती शिशु मंदिर आज बच्चों को अंग्रेजी और एआई (AI) जैसी आधुनिक तकनीकी शिक्षा में भी दक्ष बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमृत महोत्सव में प्रवेश कर रहा यह संस्थान समाज को संस्कारमय अमृत पान कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
- रामभरोसा सोनी (प्रांत अध्यक्ष): उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भारत को पुन: विश्वगुरु बनाने की दिशा में सरस्वती शिशु मंदिर संस्कारित शिक्षा के माध्यम से महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि विद्या भारती के 2,25,000 विद्यार्थियों और आचार्यों ने वंदे मातरम का सामूहिक गायन कर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने में सराहनीय भूमिका निभाई है।
- हरीश लुनिया: संस्थान के वरिष्ठ वक्ता ने विद्यालय के कुशल संचालन और प्रबंधन के संबंध में विस्तृत व्याख्यान दिया।
इनका रहा सराहनीय योगदान

बैठक के सफल आयोजन और संचालन में बेरला विद्यालय के अध्यक्ष डामन लाल सिन्हा, व्यवस्थापक प्रवीण चतुर्वेदी, कोषाध्यक्ष शैलेष माहेश्वरी, प्रधानाचार्य बिसम्भर साहू तथा आचार्यगण—लेखराम साहू, चन्द्रशेखर साहू, तारण दास टण्डन, बुधराम निषाद, उमेश सिन्हा और दीदी भगवती वर्मा, सुमन साहू, लुमेश्वरी, खिलेश्वरी सहित समस्त आचार्य-दीदियों का विशेष और सराहनीय योगदान रहा। बैठक में लिए गए निर्णयों को सभी विद्यालयों में प्रभावी रूप से लागू करने की सहमति के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
