■बेमेतरा/कोदवा:- कृषि अवशेषों के वैज्ञानिक और लाभकारी प्रबंधन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ‘फार्म वाट इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड ने 22 अक्टूबर को जिले के बेरला विकासखंड अंतर्गत ग्राम नारधी स्थित फार्म ऊर्जा केंद्र का औपचारिक शुभारंभ किया। कंपनी इससे पहले भी 13 फार्म ऊर्जा केंद्रों का सफल संचालन कर रही है और आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ तथा देश के अन्य राज्यों में नए केंद्रों का विस्तार करने की योजना बना रही है। चूंकि यह वेस्ट टू वाट्स” (फसल अवशेष से ऊर्जा उत्पादन) की सोच पर आधारित इस पहल का मुख्य उद्देश्य किसानों को पराली (पैरा) न जलाने के लिए प्रोत्साहित करना और खेतों को जल्द से जल्द अगली फसल के लिए तैयार करने का सुरक्षित व सुविधाजनक समाधान प्रदान करना है। उल्लेखनीय है कि यह फार्म वाट इनोवेशन फसल अवशेष आपूर्ति श्रृंखला का निर्माण कर रही है, जो भारत के तेजी से बढ़ते बायोगैस क्षेत्र के लिए एक मजबूत आधार तैयार करती है। इन फार्म ऊर्जा केंद्रों के विस्तृत नेटवर्क के माध्यम से कंपनी छोटे और बिखरे हुए खेतों से पराली तथा अन्य अवशेषों को एकत्र करती है। तत्पश्चात, इन अवशेषों की बेलिंग, सुरक्षित भंडारण और प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) कर इन्हें बायोगैस संयंत्रों को ईंधन के रूप में आपूर्ति की जाती है। इस मॉडल से एक तरफ जहां वायु प्रदूषण और पर्यावरण को होने वाले नुकसान पर रोक लग रही है, वहीं दूसरी ओर किसानों को अपने खेत साफ करने के लिए एक त्वरित विकल्प भी मिल रहा है। फिलहाल ग्राम नारधी में आयोजित इस उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बेमेतरा कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक- जितेंद्र कुमार जोशी, सेवानिवृत्त बीएसएफ आईजी- अजमल सिंह चौहान, ग्राम नारधी की महिला सरपंच रानी टंडन तथा खिसोरा के सरपंच जितेंद्र साहू उपस्थित रहे। इनके अलावा बिहान योजना महिला समूह विभाग से पीआरपी मनीषा साहू, फार्म ऊर्जा केंद्र छत्तीसगढ़ के क्षेत्रीय प्रमुख- प्रमोद चंदौरे, केंद्र प्रबंधक- कपिल राजपूत एवं फार्म वाट टीम के सदस्य- विकास वर्मा, लालबहादुर, लखन साहू, विनय साहू सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामवासी मौजूद रहे।
