दुर्ग: जिले में साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत दुर्ग पुलिस, ACCU और विभिन्न थाना क्षेत्रों (सुपेला, भिलाई भट्ठी और भिलाई नगर) की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते, एटीएम, पासबुक और सिम कार्ड साइबर ठगों को उपलब्ध कराने वाले 06 म्यूल (Mule) खाताधारकों को गिरफ्तार किया है।
क्या है पूरा मामला?
दुर्ग पुलिस द्वारा साइबर ठगी से प्राप्त राशि के संदिग्ध लेनदेन की जांच की जा रही थी। तकनीकी साक्ष्यों और बैंक खातों के विश्लेषण के दौरान यह खुलासा हुआ कि कुछ लोगों द्वारा मात्र 2,000 से 15,000 रुपये तक के कमीशन के लालच में अपने बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज (पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और सिम कार्ड) अन्य व्यक्तियों को सौंप दिए गए थे। इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की लाखों रुपये की रकम को इधर-उधर करने और खपाने के लिए किया जा रहा था।
विभिन्न थानों में दर्ज मामले और गिरफ्तार आरोपी:
जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर 08 सितंबर 2026 को अलग-अलग थानों में वैधानिक कार्रवाई करते हुए निम्नलिखित 06 आरोपियों को पकड़ा गया है:
- थाना सुपेला (अपराध क्र. 679/2026, धारा 318(2), 318(3), 317(4) BNS):
- भीष्म लाल भारती (उम्र 27 वर्ष, निवासी- सांकरा, कुम्हारी)
- (तथा अन्य संबंधित खाताधारक)
- थाना भिलाई भट्ठी (अपराध क्र. 63/2026):
- मोहन राम (उम्र 50 वर्ष, निवासी- जामुल) व अन्य
- थाना भिलाई नगर (अपराध क्र. 388/2026):
- गजेन्द्र कुमार साहू (उम्र 23 वर्ष, निवासी- रिसाली)
- ओम प्रकाश यादव (उम्र 28 वर्ष, निवासी- चिखली, जेवरा सिरसा)
- देवरतन टंडन (उम्र 39 वर्ष, निवासी- खुर्सीपार)
- लोकनाथ वर्मा (उम्र 29 वर्ष, निवासी- सुपेला)
पुलिस द्वारा जप्त सामग्रियां:
कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से विभिन्न बैंकों के पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और बैंकिंग लेनदेन से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
दुर्ग पुलिस की आम नागरिकों से अपील:
पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी लालच में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम, पासबुक, चेकबुक या सिम कार्ड किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग के लिए बिल्कुल न दें। ऐसे खातों का उपयोग अवैध गतिविधियों या साइबर ठगी में होने पर खाताधारक के खिलाफ भी गंभीर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। यदि किसी के साथ ऐसा हुआ है या दस्तावेजों का दुरुपयोग हो रहा है, तो तुरंत बैंक, नजदीकी थाने या साइबर सेल को इसकी सूचना दें।
