दुर्ग (पद्मनाभपुर): वाहन क्रय-विक्रय के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले एक आरोपी को दुर्ग जिले की पद्मनाभपुर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने वाहन बेचने के नाम पर शिकायतकर्ता को भ्रामक जानकारी दी और स्वामित्व हस्तांतरण (Transfer of Ownership) की प्रक्रिया में धोखाधड़ी की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
क्या है पूरा मामला?
थाना पद्मनाभपुर में दर्ज शिकायत के अनुसार, पीड़ित ने अपने परिजन के नाम पर पंजीकृत वाहन को बेचने के लिए एक निजी वाहन क्रय-विक्रय प्लेटफॉर्म का सहारा लिया था। इस दौरान आरोपी संजय कुमार पटेल ने वाहन बिक जाने की जानकारी तो दी, लेकिन न तो वाहन का ओनरशिप ट्रांसफर किया और न ही कोई वैध दस्तावेज (जैसे स्क्रैप सर्टिफिकेट या सेल डीड) उपलब्ध कराया। वाहन की वर्तमान स्थिति के बारे में भी आरोपी लगातार टाल-मटोल करता रहा, जिससे पीड़ित को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
पुलिस की कार्रवाई
शिकायत मिलने के बाद पद्मनाभपुर पुलिस ने मामले की बारीकी से जांच की। जांच के दौरान प्राप्त दस्तावेजी साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर पुलिस ने पाया कि आरोपी ने आर्थिक लाभ कमाने के उद्देश्य से छलपूर्वक धोखाधड़ी की है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 316(2) के तहत मामला पंजीबद्ध किया।
गिरफ्तार आरोपी:
- नाम: संजय कुमार पटेल (44 वर्ष)
- निवासी: शिव विहार कॉलोनी, थाना अमानाका, जिला रायपुर (छत्तीसगढ़)।
पुलिस ने आरोपी के पास से वाहन विक्रय से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज और अभिलेख भी जब्त किए हैं।
दुर्ग पुलिस की अपील
इस कार्रवाई के बाद दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों के लिए चेतावनी जारी की है। पुलिस ने कहा है कि किसी भी वाहन का क्रय-विक्रय करते समय सभी कानूनी दस्तावेजों की पूरी तरह जांच-पड़ताल करें। वाहन हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने तक सभी रसीदें और कागजात सुरक्षित रखें। यदि किसी भी प्रकार का संदेहास्पद लेन-देन सामने आता है, तो तुरंत निकटतम थाने में सूचित करें।
