खैरागढ़ (केसीजी) | जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (KCG) पुलिस ने अवैध शराब के कारोबार के विरुद्ध एक बड़ी स्ट्राइक की है। पुलिस ने शहर के बीचों-बीच चल रहे एक अवैध बॉटलिंग और रिफिलिंग प्लांट का पर्दाफाश करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में सरकारी शराब भट्टी के सेल्समैन और सुपरवाइजर भी शामिल हैं, जो मिलावटी शराब खपाने के खेल में संलिप्त थे।
किराए के मकान में चल रहा था खेल
साइबर सेल और खैरागढ़ पुलिस की संयुक्त टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि राजपूत होटल के पास एक किराए के मकान में अवैध शराब तैयार की जा रही है। पुलिस ने जब मौके पर दबिश दी, तो आरोपी भागवत वर्मा और त्रिलोक यादव रंगे हाथों शराब की बॉटलिंग और रिफिलिंग करते पकड़े गए। पूछताछ में उनके दो अन्य साथियों शक्ति नारायण सिंह और तिपेश कुमार सोनी की संलिप्तता भी सामने आई, जिन्हें तत्काल हिरासत में लिया गया।
जप्त सामग्री: ढक्कन से लेकर होलोग्राम तक बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में सामग्री जप्त की है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वे पूरी तरह से संगठित तरीके से मिलावटी शराब बेच रहे थे:
- शराब: 130 नग गोवा स्पेशल व्हीस्की (सीलबंद) और 10.5 लीटर संदिग्ध तरल पदार्थ।
- कुल मात्रा: 34 लीटर अवैध शराब (कीमत ₹22,320)।
- पैकेजिंग मटेरियल: 203 नग ढक्कन, 720 नग लेबल स्टीकर, होलोग्राम, खाली बोतलें, जेरिकेन और ब्लू स्टिक।
आरोपियों का विवरण
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से तीन शराब दुकानों से जुड़े कर्मचारी हैं:
- भागवत वर्मा (26): सेल्समैन, खैरागढ़ शराब भट्टी।
- त्रिलोक यादव (29): सेल्समैन, खैरागढ़ शराब भट्टी।
- तिपेश कुमार सोनी (31): सुपरवाइजर, जालबांधा शराब भट्टी।
- शक्ति नारायण सिंह (43): निवासी दंतेवाड़ा (हाल खैरागढ़)।
पुलिस की कार्रवाई
आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे असली शराब में पानी मिलाकर उसकी रिफिलिंग करते थे और नकली लेबल व होलोग्राम लगाकर उसे बाजार में बेचकर अवैध लाभ कमा रहे थे। पुलिस ने इनके खिलाफ आबकारी एक्ट और BNS (भारतीय न्याय संहिता) की विभिन्न गंभीर धाराओं (धोखाधड़ी और मिलावट) के तहत मामला दर्ज किया है।
खैरागढ़ पुलिस ने चेतावनी दी है कि अवैध शराब और नशे के कारोबार में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का सिलसिला जारी रहेगा। इस सफल कार्रवाई में थाना खैरागढ़ और साइबर सेल टीम की मुख्य भूमिका रही।


