भिलाई (दुर्ग)। सुपेला थाना क्षेत्र के चन्द्रा मौर्या अंडरब्रिज के पास नाले में बोरे में बंद मिली महिला की लाश के मामले को दुर्ग पुलिस ने सुलझा लिया है। हत्या का आरोपी मृतिका का लीव-इन पार्टनर ही निकला, जिसने विवाद के बाद महिला की हत्या कर दी और साक्ष्य छुपाने के लिए अपने भाई व एक ऑटो चालक दोस्त की मदद से शव को ठिकाने लगाया था। पुलिस ने मुख्य आरोपी सहित तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
क्या है पूरा मामला?
बीती 13 दिसंबर को चन्द्रा मौर्या अंडरब्रिज के पास एक कार सर्विसिंग सेंटर के सामने नाले में जूट और प्लास्टिक के बोरे में बंधा हुआ एक अज्ञात महिला का शव मिला था। शव को बुरी तरह मोड़कर रस्सी से बांधा गया था, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई थी। पुलिस ने धारा 103 और 238 (BNS) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पहचान और खुलाशा
सोशल मीडिया और समाचारों में खबर चलने के बाद कृष्णा नगर निवासी आमरौतिन ने थाने पहुंचकर मृतिका की पहचान अपनी बेटी आरती उर्फ भारती निर्मलकर के रूप में की। जांच में पता चला कि आरती पिछले 4-5 महीनों से कोसानगर निवासी तुलाराम बंजारे के साथ लीव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी।
हत्या की वजह
पुलिस पूछताछ में आरोपी तुलाराम ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि आरती को शराब की लत थी और नशे में वह अक्सर विवाद करती थी। 5 दिसंबर की रात शराब पीने के दौरान दोनों के बीच झगड़ा हुआ। गुस्से में तुलाराम ने आरती का सिर दीवार पर दे मारा, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
शव को ठिकाने लगाने की साजिश
हत्या के बाद आरोपी ने पकड़े जाने के डर से आरती के कपड़े जला दिए और शव को रस्सी से बांधकर बोरे में भर दिया। उसने इस काम में अपने भाई गोवर्धन बंजारे और एक ऑटो चालक दोस्त शक्ति भौयर की मदद ली। तीनों ने मिलकर रात के करीब 3 बजे ऑटो से ले जाकर शव को नाले में फेंक दिया। गुमराह करने के लिए आरोपी ने मोहल्ले में यह बात फैला दी कि आरती अपने पिता का इलाज कराने नागपुर गई है।
आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी तुलाराम बंजारे आदतन अपराधी है और वह पहले भी हत्या और मारपीट के मामले में जेल जा चुका है। पुलिस ने आरोपी के घर से टूटी हुई चूड़ियां और रस्सी के टुकड़े बरामद किए हैं।
गिरफ्तार आरोपी:
- तुला राम बंजारे (33 वर्ष) – मुख्य आरोपी
- गोवर्धन बंजारे (28 वर्ष) – भाई
- शक्ति भौयर (42 वर्ष) – ऑटो चालक (सहयोगी)

