राजनांदगांव (छत्तीसगढ़)।
राजनांदगांव जिले में अवैध मादक पदार्थों और शराब कोचियों के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में लालबाग थाना पुलिस ने रेवाडीह इलाके में घेराबंदी कर एक शातिर आरोपी को अवैध शराब का परिवहन करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र निर्मित शराब के साथ ही तस्करी में इस्तेमाल की जा रही स्कूटी भी जप्त की है।
रेवाडीह आदिवासी समाज भवन के पास दी गई दबिश
मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रेवाडीह स्थित आदिवासी समाज भवन के पास एक व्यक्ति स्कूटी से अवैध शराब की बिक्री और परिवहन कर रहा है। सूचना मिलते ही लालबाग थाना प्रभारी निरीक्षक रमेश पटेल के नेतृत्व में तुरंत एक विशेष टीम का गठन कर मौके पर भेजा गया।
पुलिस टीम ने घेराबंदी कर संदेही दीपचंद साहू (उम्र 26 वर्ष), निवासी ग्राम कोटरासरार (थाना लालबाग) को दबोच लिया। जब उसकी तलाशी ली गई, तो उसके कब्जे से भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद हुई।
महाराष्ट्र निर्मित शराब समेत ₹73,580 की संपत्ति जप्त
पुलिस ने आरोपी दीपचंद साहू के कब्जे से निम्नलिखित मशरूका जप्त किया है:
- देशी प्लेन शोले (छत्तीसगढ़): 31 पौवा
- देशी दारू संत्री (महाराष्ट्र निर्मित): 12 पौवा
- कुल शराब: 43 पौवा (मात्रा 7.740 बल्क लीटर, कीमत ₹3,440)
- बिक्री रकम: ₹150 नगद
- वाहन: 01 नग स्कूटी (कीमत करीब ₹70,000)
- कुल जुमला कीमती: ₹73,580
आदतन अपराधी है आरोपी, भेजा गया जेल
पुलिस के अनुसार, पकड़ा गया आरोपी दीपचंद साहू आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ लालबाग थाने में पूर्व में भी कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर उसे विधिवत गिरफ्तार किया। इसके बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
गौरतलब है कि लालबाग पुलिस ने इसके तीन दिन पहले भी दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 29 बल्क लीटर अवैध शराब जप्त की थी।
इन अधिकारियों के मार्गदर्शन और टीम की रही सराहनीय भूमिका
यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक (SP) अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) कीर्तन राठौर और नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) वैशाली जैन के मार्गदर्शन में की गई। इस सफल कार्रवाई में लालबाग थाना प्रभारी निरीक्षक रमेश पटेल, महिला प्रधान आरक्षक कल्पना अम्बादे, आरक्षक कमल किशोर यादव, तामेश्वर वर्मा और थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
