बेमेतरा/बेरला: मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत बेमेतरा जिले के बेरला ब्लॉक में सरकारी राशि के बंदरबांट और निर्माण कार्य में गुणवत्ता की अनदेखी का एक बड़ा मामला सामने आया है। ग्राम सलधा से संडी तक बनाई गई 3.13 किलोमीटर लंबी सड़क संधारण (Maintenance) कार्य के कुछ ही समय बाद जर्जर होने लगी है। आलम यह है कि कहीं डामर की परतें उखड़ रही हैं, तो कहीं सड़क बीच से धंस गई है, जो राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो रही है।
लापरवाही की मुख्य बातें:
- अधूरा कार्य: ठेकेदार ‘कुर्मिबेना कंट्रक्शन’ (कवर्धा) द्वारा बोर्ड पर झाड़ियों की सफाई, नाली मरम्मत और शोल्डर फिलिंग जैसे कई कार्यों का उल्लेख किया गया है, लेकिन धरातल पर ये कार्य नदारद हैं।
- दुर्घटना को न्योता: संडी स्थित सिद्धि माता मंदिर के पास और ब्रिज के अंधे मोड़ पर सड़क धंसने से गहरे गड्ढे हो गए हैं। रात के अंधेरे में अनजान मुसाफिर इन गड्ढों का शिकार होकर चोटिल हो रहे हैं।
- मानकों की अनदेखी: ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण में प्रयुक्त मटेरियल बेहद घटिया स्तर का है और तकनीकी मापदंडों को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया है।

आस्था के मार्ग पर संकट
संडी का सिद्धि माता मंदिर क्षेत्र का प्रमुख आस्था केंद्र है। यहाँ तेरस मास और चैत्र नवरात्रि के दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालु इसी मार्ग से पहुँचते हैं। सड़क की बदहाली के कारण आने वाले समय में श्रद्धालुओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

क्या कहते हैं जिम्मेदार और ग्रामीण?
स्थानीय नागरिक रविन्द्र भास्कर चौबे ने बताया कि कार्य एजेंसी की मनमानी और अधिकारियों के निरीक्षण में कमी के कारण शासन की राशि का दुरुपयोग हुआ है। मरम्मत के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई है।
”सड़क निर्माण के विवरण बोर्ड पर जो कार्य लिखे गए हैं, वे सिर्फ दिखावा हैं। न तो साइड शोल्डर भरे गए और न ही नालियों की सफाई हुई। अधिकारी इस ओर ध्यान क्यों नहीं दे रहे, यह बड़ा सवाल है।” – स्थानीय ग्रामीण

दूसरी ओर, विभाग के कार्यपालन अभियंता मुकेश साकरकर द्वारा ग्रामीण संपर्क मजबूत करने के दावे तो किए जा रहे हैं, लेकिन सलधा-संडी मार्ग की स्थिति इन दावों की पोल खोल रही है।


