बेरला:
बच्चों के सुरक्षित और खुशहाल भविष्य को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विकासखण्ड बेरला सहित ग्रामीण अंचलों में पल्स पोलियो अभियान का प्रभावी आगाज हुआ। इस राष्ट्रीय अभियान के तहत ग्राम पंचायत मोहभट्ठा में सरपंच श्रीमती केंवरा नरसिंग साहू ने शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
“जीवन रक्षक है यह अमृत की बूंद”
अभियान की शुरुआत करते हुए सरपंच केंवरा साहू ने पल्स पोलियो की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा, “पोलियो ड्रॉप्स केवल दवा नहीं, बल्कि बच्चों के जीवन को सुरक्षित करने वाला अमृत है। यह दो बूंद हमारे नवजात शिशुओं के लिए रक्षा कवच का काम करती हैं।” उन्होंने अपील की कि कोई भी बच्चा इस खुराक से वंचित न रहे, ताकि समाज से पोलियो का पूर्ण उन्मूलन सुनिश्चित हो सके।
अभियान का स्वरूप: केंद्रों के बाद अब घर-घर दस्तक
पल्स पोलियो अभियान के तहत कार्ययोजना को दो चरणों में विभाजित किया गया है:
- प्रथम चरण (21 दिसंबर): बेरला ब्लॉक के विभिन्न केंद्रों (बूथों) पर बच्चों को दवा पलाई गई।
- द्वितीय चरण (22 और 23 दिसंबर): स्वास्थ्य विभाग की टीमें उन बच्चों तक पहुँचने के लिए घर-घर दस्तक देंगी जो किसी कारणवश केंद्र तक नहीं पहुँच पाए।
सामूहिक सहभागिता से सफल बना अभियान
ग्राम पंचायत मोहभट्ठा में आयोजित इस कार्यक्रम में न केवल जनप्रतिनिधियों बल्कि स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। सरपंच ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना और जनमानस को जागरूक करना उनकी प्राथमिकता है।
कार्यक्रम में उपस्थिति:
इस अवसर पर सरपंच केंवरा नरसिंग साहू के साथ स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन समूह की सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने संकल्प लिया कि वे अपने क्षेत्र के शत-प्रतिशत बच्चों को यह सुरक्षा चक्र प्रदान करने में सहयोग करेंगे।

