बेमेतरा। छत्तीसगढ़ में जारी धान खरीदी के महाअभियान के बीच बेमेतरा जिले के बेरला विकासखण्ड से हंगामे की बड़ी खबर सामने आई है। सोंढ़ सेवा सहकारी समिति में शुक्रवार को उस वक्त स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब धान खरीदी की लिमिट कम होने से आक्रोशित सैकड़ों किसानों ने केंद्र में तालाबंदी कर दी। इस विरोध प्रदर्शन के कारण करीब एक घंटे तक धान का तौल और खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह ठप रही।
पोर्टल और रकबे के बीच फंसा पेंच
शुक्रवार सुबह जब किसान अपनी उपज लेकर केंद्र पहुंचे, तो उन्हें पता चला कि पोर्टल पर उनके रकबे के अनुसार खरीदी की लिमिट काफी कम दिखाई दे रही है। किसानों का आरोप है कि शासन द्वारा निर्धारित वर्तमान लिमिट उनके वास्तविक उत्पादन की तुलना में बहुत कम है। इस विसंगति के कारण किसान अपनी पूरी फसल बेचने में असमर्थ हो रहे हैं, जिससे उनके भीतर भारी असंतोष पनप रहा है।

अधिकारियों की अनुपस्थिति से भड़का गुस्सा
प्रदर्शन के दौरान घंटों तक किसी भी प्रशासनिक अधिकारी के मौके पर न पहुंचने से किसान और अधिक भड़क गए। स्थिति को बिगड़ता देख समिति के प्राधिकृत अध्यक्ष, प्रबंधक और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने हस्तक्षेप किया। किसानों को शांत कराने के लिए लिखित आश्वासन दिया गया कि उनकी मांगों को जिला कलेक्टर तक पहुँचाया जाएगा, जिसके बाद ही केंद्र का ताला खोला गया।

प्रशासन को सोमवार तक का अल्टीमेटम
किसानों ने जिला प्रशासन और कलेक्टर के नाम अपनी मांगों को लेकर स्पष्ट चेतावनी दी है:
- मांग: धान खरीदी की लिमिट को वास्तविक उत्पादन और रकबे के आधार पर तुरंत बढ़ाया जाए।
- सुधार: पोर्टल डेटा में मौजूद गड़बड़ियों का तत्काल सत्यापन कर सुधार किया जाए।
- चेतावनी: यदि सोमवार तक समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो किसान अनिश्चितकालीन तालाबंदी करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

बढ़ सकता है आंदोलन का दायरा
हालांकि सोंढ़ समिति में फिलहाल तौल दोबारा शुरू हो गई है, लेकिन किसानों का गुस्सा कम नहीं हुआ है। जिले के अन्य केंद्रों से भी इसी तरह की विसंगतियों की खबरें आ रही हैं। जानकारों का मानना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया, तो यह आंदोलन पूरे जिले में फैल सकता है।

