नई दिल्ली | विशेष संवाददाता
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर पेट्रोल-डीज़ल की कमी को लेकर फैल रही खबरों पर भारत सरकार ने पूर्ण विराम लगा दिया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) ने एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल, डीज़ल और एलपीजी (LPG) का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) पूरी तरह से सुचारू है।
पैनिक बाइंग (Panic Buying) पर मंत्रालय की चिंता
मंत्रालय ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि भ्रामक सूचनाओं के कारण कुछ शहरों में लोग अनावश्यक रूप से पेट्रोल पंपों पर भीड़ लगा रहे हैं और भारी मात्रा में ईंधन का भंडारण कर रहे हैं। इस ‘पैनिक बाइंग’ के कारण स्थानीय स्तर पर कुछ समय के लिए लॉजिस्टिक संबंधी चुनौतियाँ पैदा हुई थीं, जिन्हें अब सुलझा लिया गया है।
सरकार ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि:
- किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में ईंधन की राशनिंग (सीमित बिक्री) लागू नहीं की गई है।
- देश के सभी फ्यूल स्टेशन अपनी सामान्य कार्यक्षमता के साथ संचालित हो रहे हैं।
- नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे भविष्य की चिंता में आज ज़रूरत से ज़्यादा ईंधन न खरीदें।
सप्लाई चेन की मज़बूती: 2 महीने का बैकअप तैयार
सरकार ने डेटा साझा करते हुए बताया कि देश की तेल रिफाइनरियां वर्तमान में 100% क्षमता के साथ काम कर रही हैं। मंत्रालय के अनुसार:
- अग्रिम भंडारण: अगले 60 दिनों (दो महीने) के लिए देश की ईंधन मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त कच्चा तेल और रिफाइंड उत्पाद सुरक्षित कर लिए गए हैं।
- परिवहन: डिपो से लेकर रिटेल आउटलेट्स तक ईंधन पहुँचाने वाले टैंकरों और पाइपलाइनों की निगरानी चौबीसों घंटे की जा रही है।
भारत की ऊर्जा सुरक्षा: 40 देशों का साथ
आयात और वैश्विक अस्थिरता के सवालों पर सरकार ने स्थिति साफ की है कि भारत की ऊर्जा निर्भरता किसी एक देश पर नहीं है। वर्तमान में भारत 40 से अधिक देशों से कच्चा तेल आयात करता है।
”हमारी आयात रणनीति बेहद डाइवर्सिफाइड (विविध) है। यदि किसी एक क्षेत्र या देश से आपूर्ति बाधित होती है, तो हमारे पास अन्य विकल्प मौजूद रहते हैं। इसलिए सप्लाई में कमी का कोई भी खतरा आधारहीन है।” — मंत्रालय आधिकारिक बयान
भ्रामक सूचनाओं से बचें: सरकार की अपील
सोशल मीडिया पर ‘ईंधन खत्म होने’ के वायरल मैसेज को लेकर मंत्रालय ने नागरिकों से विशेष अपील की है। सरकार ने कहा कि इस तरह की सूचनाएं केवल घबराहट पैदा करने के उद्देश्य से फैलाई जा रही हैं। मंत्रालय ने लोगों से आग्रह किया है कि वे केवल आधिकारिक सरकारी हैंडल्स और प्रतिष्ठित समाचार स्रोतों द्वारा दी गई जानकारी पर ही विश्वास करें।
निष्कर्ष:
वर्तमान स्थिति को देखते हुए यह स्पष्ट है कि देश के पास ऊर्जा संसाधनों का विशाल भंडार है। तेल कंपनियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे जनता को लगातार अपडेट देती रहें ताकि किसी भी प्रकार के भ्रम की स्थिति पैदा न हो।


