बेमेतरा। तंत्र-मंत्र और घर की ‘पाती’ ठीक करने के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले एक शातिर ठग को बेमेतरा पुलिस ने बिहार से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी ने ‘गोरखनाथ शक्ति बाबा’ बनकर एक परिवार को झांसे में लिया और उनसे करीब 6.63 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरात और नगदी समेट कर फरार हो गया था।
क्या है पूरा मामला?
साजा थाना क्षेत्र के ग्राम पिपरिया निवासी भागवत साहू (57 वर्ष) ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी बेटी के वैवाहिक जीवन में चल रही कलह को दूर करने के नाम पर ग्राम मोहतरा निवासी जालम दास कोशले ने उनकी मुलाकात ‘गोरखनाथ शक्ति बाबा’ से कराई थी। बाबा ने घर में दोष बताकर तंत्र-मंत्र का जाल बुना।
ठगी का सिलसिला 10 फरवरी 2026 से शुरू हुआ। बाबा ने अलग-अलग किस्तों में प्रार्थी से 1,63,800 रुपये नगद वसूले। हद तो तब हो गई जब 27 फरवरी को बाबा ने प्रार्थी की अनुपस्थिति में उसकी पत्नी और बेटी को झांसे में लिया और “जेवरात शुद्ध करने” के नाम पर मंगलसूत्र, झुमका, लॉकेट और चांदी की पायल (कुल वजन करीब 34 ग्राम सोना और 13 तोला चांदी) लेकर चंपत हो गया।
पुलिस की संयुक्त कार्यवाही और गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए DIG रामकृष्ण साहू (IPS) और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश कुमार यादव के मार्गदर्शन में साजा पुलिस और साइबर सेल की एक संयुक्त टीम गठित की गई। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम बिहार के दरभंगा जिले पहुंची।
मुख्य आरोपी: रविन्द्र कुमार देव (49 वर्ष), निवासी माधोपुर, जिला दरभंगा (बिहार) को पुलिस ने घेराबंदी कर धर दबोचा।
बरामदगी और कानूनी धाराएं
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने ठगी गई पूरी ज्वेलरी बरामद कर ली है, जिसकी बाजार कीमत लगभग 5,00,000 रुपये आंकी गई है। नगद राशि के संबंध में आरोपी ने बताया कि उसने वह पैसे अपने पुराने कर्ज चुकाने में खर्च कर दिए। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318 (4) और 308 (4) के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
टीम की सराहना
इस बड़ी सफलता में साजा थाना प्रभारी रोशन लाल टोन्डे, साइबर सेल प्रभारी मयंक मिश्रा, एएसआई बनवारी लाल सोनकर और उनकी टीम (प्रधान आरक्षक मोहित चेलक, विजेन्द्र सिंह, पवन सिंह एवं अन्य) की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस की अपील: किसी भी अंजान व्यक्ति या कथित तांत्रिकों के झांसे में न आएं। अंधविश्वास से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाने में दें।

