थान खम्हरिया | क्षेत्र में रसोई गैस की किल्लत ने विकराल रूप ले लिया है। स्थानीय गैस एजेंसी में पांच दिनों के लंबे इंतजार के बाद जब सिलेंडरों की खेप पहुँची, तो उसे पाने के लिए उपभोक्ताओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। आलम यह रहा कि सिलेंडर के लिए मची मारामारी के कारण कवर्धा मार्ग पर घंटों जाम की स्थिति बनी रही।
आपूर्ति और मांग में भारी अंतर
तहसील क्षेत्र की एकमात्र गैस एजेंसी वर्तमान में भारी दबाव में है। आंकड़ों के मुताबिक:
- साप्ताहिक मांग: 1800 सिलेंडर
- वर्तमान आपूर्ति: मात्र 600 सिलेंडर
- कमी: 66% से अधिक की किल्लत
इस भारी अंतर के कारण आम जनता में गहरा आक्रोश व्याप्त है। सुबह से ही कतारों में खड़े ग्रामीण और शहरी उपभोक्ताओं का धैर्य जवाब दे रहा है।
प्रशासनिक दावों की खुली पोल
एक ओर जिला प्रशासन जिले में रसोई गैस की प्रचुर उपलब्धता के बड़े-बड़े दावे कर रहा है, वहीं थान खम्हरिया की जमीनी हकीकत इन दावों को झूठा साबित कर रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि जब पर्याप्त स्टॉक है, तो उन्हें हफ़्तों इंतज़ार क्यों करना पड़ रहा है?
प्रमुख मांगें और बढ़ता दबाव
क्षेत्र की वर्तमान स्थिति को देखते हुए विभिन्न वर्गों ने अपनी मांगें रखी हैं:
- व्यापारी वर्ग: व्यवसायियों ने मांग की है कि किल्लत को कम करने के लिए कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति सुचारू की जाए।
- उपभोक्ता: नगरीय क्षेत्र के लोगों की मांग है कि सिलेंडर रिफिल की समय सीमा (मियाद) को 45 दिन से घटाकर 30 दिन किया जाए।
