कवर्धा (कबीरधाम): कबीरधाम पुलिस ने शहर के फुलवारी परिसर स्थित हनुमान मंदिर में हुई चांदी के मुकुट की चोरी का महज 6 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में चोरी करने वाले मुख्य आरोपी, उसके सहयोगी और चोरी का माल खरीदने वाले सुनार को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर मूर्ति खंडित होने की चल रही खबरें पूरी तरह निराधार और अफवाह हैं।
अफवाहों पर विराम: सुरक्षित है प्रतिमा
पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर यह भ्रामक जानकारी प्रसारित हो रही थी कि मंदिर में हनुमान जी की मूर्ति खंडित की गई है। पुलिस ने पुजारी के बयान और मौके की जांच के बाद बताया कि मूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है। असल घटना महाशिवरात्रि के आसपास मुकुट चोरी की थी, जिसकी रिपोर्ट 17 अप्रैल को दर्ज कराई गई थी।
6 घंटे में पुलिस की बड़ी कामयाबी
पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह (IPS) के निर्देशन में कोतवाली पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को दबोचा:
- योगेश दुबे उर्फ मोनू दुबे (32 वर्ष): मुख्य आरोपी, जिसने मंदिर से मुकुट चोरी किया।
- देवी मिश्रा (45 वर्ष): चोरी की घटना में सहयोग करने वाला आरोपी।
- मनीन्द्र सोनी (46 वर्ष): कचहरी पारा निवासी सुनार, जिसने चोरी का मुकुट खरीदा।
सुनार ने गला दिया था मुकुट, डर के मारे बनाया नया
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी योगेश ने मुकुट चोरी कर सुनार मनीन्द्र सोनी को मात्र 1800 रुपये में बेच दिया था। सुनार ने पुरानी चांदी को गला दिया था, लेकिन जब मोहल्ले में चोरी की चर्चा तेज हुई, तो पकड़े जाने के डर से उसने उसी चांदी से नया मुकुट तैयार कर लिया। पुलिस ने आरोपी सुनार के पास से मुकुट बरामद कर लिया है।
अपराध बोध: मंदिर में मांगी माफी
पुलिस शनिवार को आरोपियों को घटनास्थल (फुलवारी परिसर) लेकर पहुंची, जहां घटना का रिक्रिएशन (पुनर्निर्माण) कराया गया। इस दौरान आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार किया और मंदिर में हनुमान जी के समक्ष हाथ जोड़कर अपने कृत्य के लिए क्षमा याचना भी की।
पुलिस की सख्त चेतावनी
कबीरधाम पुलिस ने स्वर्ण व्यापारियों को हिदायत दी है कि बिना बिल या दस्तावेज के कोई भी कीमती धातु न खरीदें। साथ ही, पुलिस ने सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाने वालों को भी चेतावनी दी है कि सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
