खैरागढ़। जिला मुख्यालय के वार्ड नंबर 12, अमलीपारा में प्रशासनिक लापरवाही और उदासीनता का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय विधायक और नगर पालिका अध्यक्ष के निवास वाले इस ‘VIP वार्ड’ में लाखों की लागत से बना ‘हमर क्लिनिक’ सोमवार रात संदिग्ध परिस्थितियों में धू-धू कर जल उठा। इस भीषण आगजनी में चिरायु योजना (RBSK) से जुड़े कई महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज जलकर खाक हो गए हैं।
उद्घाटन के बाद भी नहीं मिली स्वास्थ्य सेवाएं
हैरानी की बात यह है कि इस क्लिनिक का उद्घाटन पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान ही कर दिया गया था, लेकिन यहाँ कभी भी स्वास्थ्य सेवाएं शुरू नहीं हो सकीं। जिस भवन को आम जनता के इलाज के लिए बनाया गया था, उसे स्वास्थ्य विभाग ने महज दस्तावेजों का ‘गोदाम’ बना कर रख दिया था। ताले में कैद सुविधाओं के बीच जनता स्वास्थ्य लाभ के लिए भटकती रही और अब पूरा भवन ही आग की चपेट में आ गया।
साजिश की ओर इशारा: शॉर्ट-सर्किट की संभावना शून्य
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. आशीष शर्मा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उक्त भवन में बिजली का कनेक्शन ही नहीं था, जिससे शॉर्ट-सर्किट होने की कोई गुंजाइश नहीं है। बिजली न होने के बावजूद आग लगना किसी असामाजिक तत्व की सोची-समझी साजिश की ओर इशारा कर रहा है।
जांच में जुटी पुलिस
मंगलवार सुबह जब वार्डवासियों ने धुंआ उठते देखा, तब फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई और आग पर काबू पाया गया। फिलहाल खैरागढ़ पुलिस मौके पर तैनात है और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। यह घटना जनप्रतिनिधियों की सक्रियता और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी बड़े सवालिया निशान खड़े करती है।

