ताज़ा खबर :

जमाकर्ताओं का हित सर्वोपरि: RBI ने क्यों रद्द किया पेटीएम का बैंकिंग लाइसेंस? जानें यहाँ।

मुंबई: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकिंग सेक्टर में एक बड़ा कदम उठाते हुए पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (PPBL) का बैंकिंग लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। केंद्रीय बैंक ने यह कठोर निर्णय बैंकिंग विनियमन अधिनियम (BR Act) के कई प्रावधानों के निरंतर उल्लंघन और कमजोर प्रबंधन के चलते लिया है।

​इस कार्रवाई के बाद अब पेटीएम पेमेंट्स बैंक किसी भी प्रकार की बैंकिंग सेवाएं प्रदान नहीं कर सकेगा।

क्यों गिरी गाज? RBI ने गिनाए ये मुख्य कारण

​केंद्रीय बैंक की जांच में पाया गया कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक का संचालन न केवल बैंकिंग मानकों के खिलाफ था, बल्कि ग्राहकों के हितों के लिए भी जोखिम भरा साबित हो रहा था। लाइसेंस रद्द करने के पीछे निम्नलिखित कानूनी आधार बताए गए हैं:

  • धारा 22(3)(b) का उल्लंघन: बैंक का कामकाज बैंकिंग विनियमन अधिनियम के निर्धारित प्रावधानों के विपरीत पाया गया।
  • प्रबंधन में खामियां [धारा 22(3)(c)]: बैंक का मौजूदा प्रबंधन ढांचा जमाकर्ताओं और सार्वजनिक हित के अनुरूप काम करने में विफल रहा। इसमें पारदर्शिता और जिम्मेदारी का भारी अभाव देखा गया।
  • जनहित की अनदेखी [धारा 22(3)(e)]: RBI ने स्पष्ट किया कि मौजूदा परिस्थितियों में बैंक को अपना संचालन जारी रखने की अनुमति देना जनहित में नहीं होगा।
  • लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन [धारा 22(3)(g)]: बैंक अपने ‘पेमेंट्स बैंक’ लाइसेंस के साथ जुड़ी अनिवार्य शर्तों को पूरा करने में लगातार असफल रहा।

ग्राहकों के हितों की सुरक्षा सर्वोपरि

​RBI ने अपने बयान में ग्राहकों को आश्वस्त किया है कि इस फैसले का उद्देश्य उनके हितों की सुरक्षा करना है। केंद्रीय बैंक ने कहा:

​”ग्राहकों के हितों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आगे की प्रक्रिया इस तरह तय की जाएगी कि जमा राशि और अन्य जरूरी सेवाओं पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।”

निष्कर्ष

​लगातार नियमों की अनदेखी, कमजोर इंटरनल गवर्नेंस और नियामक अनुपालन (Compliance) में विफलता ने अंततः पेटीएम पेमेंट्स बैंक के भविष्य पर पूर्णविराम लगा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई बैंकिंग क्षेत्र में अन्य संस्थाओं के लिए एक कड़ा संदेश है कि नियमों से समझौता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

WhatsApp
Facebook
Telegram
X

ख़बर एवं विज्ञापन के लिए संपर्क करें

(संपर्क करें - 8817455556-9630244446)

और पढ़ें


स्व-जनगणना पोर्टल में छत्तीसगढ़ी भाषा को शामिल करने की मांग, ‘जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी’ ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (केसीजी): छत्तीसगढ़ी भाषा को मान-सम्मान और पहचान दिलाने की दिशा में…

नवकेशा में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी विधायक निधि की सड़क, निर्माण के चन्द दिन बाद ही फटने लगी सीसी रोड

​साजा/बेमेतरा:- जनपद पंचायत साजा के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत नवकेशा में…