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बेरला आवकारी सर्किल बना अवैध शराब का गढ़, हर सातवें गांव में सक्रिय हैं कोचिए, विभाग की खामोशी पर उठ रहे बड़े सवाल, सहायक आबकारी अधिकारी विक्रम आग़ा ने नही दिया कोई जवाब

■बेमेतरा:- ज़िला अबकारी विभाग के ​बेरला सर्किल अंतर्गत आने वाले ग्रामीण आंचलों में इन दिनों अवैध शराब का कारोबार अपने चरम पर पहुंच गया है, जिससे पूरा क्षेत्र अवैध मदिरा बिक्री का बड़ा एवं सुरक्षित हॉटस्पॉट बन गया है। स्थिति यह है कि हर सातवें गांव में बड़े पैमाने पर अवैध शराब की खपत हो रही है और लगभग हर ग्रामीण क्षेत्र में 2 से 4 सक्रिय कोचिए इस अवैध धंधे को खुलेआम अंजाम दे रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर और बड़े पैमाने पर चल रहे अवैध कारोबार के बावजूद आबकारी विभाग के जिम्मेदार इंस्पेक्टर और अन्य अधिकारी पूरी तरह से आंखें मूंदे बैठे हैं, जिससे प्रशासनिक अमले की कार्यप्रणाली और उनकी संलिप्तता पर गंभीर संदेह के बादल मंडराने लगे हैं।
​ग्रामीण क्षेत्रों में फल-फूल रहे इस अवैध शराब नेटवर्क के कारण सामाजिक ताना-बाना तेजी से बिखर रहा है और युवा पीढ़ी बर्बादी की कगार पर पहुंच रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि आबकारी अमले और शराब माफियाओं के बीच गहरी सांठगांठ के चलते ही इन मुनाफाखोरों के हौसले बुलंद हैं और विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिम्मेदारों की इस उदासीनता और कथित मिलीभगत के कारण अवैध शराब तस्करों के लिए ग्रामीण इलाके सुरक्षित पनाहगाह बनते जा रहे हैं, जहां बेखौफ होकर नियमों को ताक पर रखकर शराब बेची जा रही है।
​अब क्षेत्र की जनता और प्रबुद्ध नागरिकों ने इस गंभीर मामले में जिला प्रशासन और उच्चाधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप करने की जोरदार मांग उठाई है। ग्रामीणों का साफ कहना है कि यदि जल्द ही इस अवैध कारोबार पर लगाम नहीं कसी गई और संलिप्त अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए उनके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई करना चाहिए। अब देखना यह होगा कि इस सनसनीखेज खुलासे के बाद उच्चाधिकारी बेरला आबकारी सर्किल के इन लापरवाह और संदिग्ध अफसरों पर क्या एक्शन लेते हैं?

इस सम्बंध में बेमेतरा ज़िला आबकारी विभाग के एडीओ विक्रम आगा से सम्पर्क किया गया तो उन्होंने कॉल का कोई जवाब नही दिया।

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