
■बेमेतरा/बेरला:- जिले के बेरला विकासखण्ड के ग्राम आनंदगाँव में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है जिसमे इन दिनों अन्य क्षेत्रों में विकास कार्यों, रेलवे लाइनों, विद्युत, सड़कों या अन्य प्रोजेक्ट्स के लिए काटे गए वनों की भरपाई के लिए बेमेतरा जिले का यह पहला क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण प्रोजेक्ट आनंदगाँव में आकार ले रहा है। इस महत्वाकांक्षी अभियान के तहत गाँव की सरकारी रिक्त भूमि पर बड़े पैमाने पर पौधरोपण की तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं, जिससे आने वाले समय में इस पूरे इलाके की पारिस्थितिकीय तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी।
इस वृहद योजना के अंतर्गत ग्राम आंनदगाँव मे ही दो अलग-अलग जमीनों को चिन्हित कर वहां हरियाली फैलाने का खाका तैयार किया गया है। जिसमे पहली जमीन 17.50 हेक्टेयर सरकारी रिक्त भूमि पर करीब 8,750 पौधे रोपे जाएंगे, वहीं दूसरी जमीन 17.711 हेक्टेयर भूमि पर लगभग 11,000 पेड़-पौधों का वृक्षारोपण होगा। इस तरह कुल 35 हेक्टेयर से अधिक के क्षेत्रफल में लगभग 19,750 पौधे लगाए जाएंगे। इस सम्बंध में साजा परिक्षेत्र के रेंजर पुनीत राम लसेल के अनुसार, इस पूरे प्रोजेक्ट को लेकर वर्तमान में तेजी से गड्ढे तैयार करने और बड़े पैमाने पर तार फेंसिंग का काम किया जा रहा है, ताकि दशकभर के भीतर यह इलाका एक मजबूत ग्रीन बफर जोन या वेटलैंड के रूप में विकसित हो सके।
इस अभियान के धरातल पर उतरने से एक साथ कई बड़े फायदे मिलने तय हैं। सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि खाली पड़ी सरकारी जमीनों पर होने वाले अवैध अतिक्रमण और कब्जों पर पूरी तरह लगाम लगेगी। इसके साथ ही, ग्रामीण इलाके का आसपास का वातावरण पूरी तरह हरियालीनुमा और शुद्ध आबोहवा से परिपूर्ण हो जाएगा।चूँकि प्रशासनिक मुस्तैदी और इस ग्रीन प्रोजेक्ट से भू-माफियाओं के मंसूबों पर पानी फिरने के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन को भी एक नया संबल मिलेगा।
गौरतलब है कि यह पूरा क्षेत्र वन मुक्त दुर्ग मण्डल के अंतर्गत बेमेतरा अनुविभाग और साजा परिक्षेत्र में आता है, जहाँ राज्य स्तर पर बेमेतरा जिले का वन क्षेत्र मात्र 0.02 प्रतिशत के बेहद चिंताजनक आंकड़े पर सिमटा हुआ है। ऐसे गंभीर हालात के बीच आनंदगाँव में शुरू हुआ यह जिला स्तरीय पहला क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण न केवल इस क्षेत्र की हरियाली को एक जबरदस्त बूस्ट देगा, बल्कि अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी एक बेहतरीन और प्रेरणाप्रद मिसाल साबित होगा।
