■बेमेतरा:- दुर्ग जिला सहकारी केंद्रीय मर्यादित बैंक के अंतर्गत बेमेतरा जिला मुख्यालय में महज सात महीने पहले लोकार्पित हुए नए बैंक ब्रांच ऑफिस और उसकी बाउंड्रीवॉल (अहाता) में अभी से बड़ी-बड़ी दरारें उभरने लगी हैं।वही बैंक की निर्माण शाखा की सतत मॉनिटरिंग और देखरेख में तैयार किए गए इस दफ्तर की हालत देखकर यहां आने वाले किसान इसकी निर्माण गुणवत्ता और विश्वसनीयता पर खुला सवाल उठा रहे हैं। बेमेतरा जिले के सलधा, बेमेतरा और कन्हेरा सहित कई अन्य स्थानों पर पहले ही बैंक कार्यालयों का निर्माण कराया जा चुका है, जबकि देवकर व कुछ अन्य जगहों पर काम अभी बाकी है। ऐसे में जिला मुख्यालय स्थित इस मुख्य शाखा में निर्माण कार्य के नाम पर बरती गई कथित लापरवाही ने विभागीय कार्यप्रणाली को सीधे कटघरे में ला खड़ा किया है।
वर्तमान में इस बैंक शाखा से क्षेत्र के हजारों किसान जुड़े हुए हैं जो रोजाना विभिन कार्यों के लिए यहां पहुंचते हैं। कार्यालय परिसर में दाखिल होते ही किसानों की नजरें बाउंड्रीवॉल और भवन की दीवारों पर फैली इन दरारों पर पड़ जाती हैं, जिससे उनमें अपनी सुरक्षा और भविष्य को लेकर चिंता व नाराजगी दोनों साफ देखी जा सकती है। लोकार्पण के सालभर के भीतर ही भवन का इस तरह जर्जर होना सरकारी धन के दुरुपयोग और घटिया निर्माण सामग्रियों के इस्तेमाल की ओर साफ इशारा करता है। इस संवेदनशील मामले पर जब बैंक के सीईओ सुनील वर्मा और दुर्ग क्षेत्र के उपअभियंता हृदेश शर्मा से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क न हो पाने के कारण उनका कोई भी आधिकारिक बयान सामने नहीं आ सका है।
