कबीरधाम जिले के थाना कुकदूर पुलिस ने लूट के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी ने पीड़ित के सिर पर शराब की बोतल से वार कर उसे लहूलुहान कर दिया था और उसकी मोटरसाइकिल व मोबाइल लूटकर फरार हो गया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लूटी गई पूरी संपत्ति शत-प्रतिशत बरामद कर ली है।
घटना का संक्षिप्त विवरण
- पीड़ित/आहत: शिकारी बैगा पिता चारू बैगा, निवासी ग्राम चिंयाडांड, थाना कुकदूर, जिला कबीरधाम।
- गिरफ्तार आरोपी: छोटू यादव, निवासी ग्राम बरेण्डा (मध्य प्रदेश)।
- सह-आरोपी: छोटेलाल यादव (मामले में संलिप्त)।
- घटना दिनांक: 22.04.2026
वारदात का तरीका (Modus Operandi)
घटना के दिन पीड़ित शिकारी बैगा अपनी मोटरसाइकिल से आरोपी छोटू यादव और उसके साथी छोटेलाल यादव को ग्राम कुण्डा-दामापुर छोड़ने जा रहा था। रास्ते में ग्राम जामुनपानी-बंदौरा के बीच जंगल में आरोपियों ने चक्कर आने और लघुशंका (बाथरुम) जाने का बहाना बनाकर मोटरसाइकिल रुकवाई।
मोटरसाइकिल रुकते ही आरोपियों ने पीड़ित के साथ गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद शराब की बोतल से उसके सिर पर जानलेवा वार कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया और उसकी मोटरसाइकिल तथा मोबाइल फोन लूटकर मौके से फरार हो गए।
पुलिस कार्रवाई और बरामदगी
पीड़ित की शिकायत पर थाना कुकदूर में बीएनएस की विभिन्न धाराओं (अपराध क्रमांक 21/2026) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी।
- मुखबिर तंत्र से सफलता: दिनांक 23.08.2026 को मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर थाना कुकदूर पुलिस ने दबिश देकर फरार आरोपी छोटू यादव को धर दबोचा।
- शत-प्रतिशत बरामदगी: आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने लूटी गई हीरो एच.एफ. डिलक्स मोटरसाइकिल (क्रमांक CG-09-JE-5165) और एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन पूरी तरह से सुरक्षित बरामद कर लिया है।
- न्यायिक रिमांड: आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
कबीरधाम पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र यादव (भापुसे), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेम सागर सिदार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित पटेल तथा एसडीओपी पंडरिया भूपत सिंह के मार्गदर्शन में इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। इस सराहनीय सफलता में थाना प्रभारी कुकदूर निरीक्षक संतोष मिश्रा और उनकी पुलिस टीम (प्रधान आरक्षक मनोज तिवारी, आरक्षक देवेन्द्र बंजारे, आरक्षक कृष्ण कुमार धुर्वे एवं महिला आरक्षक बिमला धुर्वे) की अहम भूमिका रही।
