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दुर्ग पुलिस की त्वरित कार्रवाई: फर्जी नंबर प्लेट लगाकर घूम रहा आरोपी गिरफ्तार, असली मालिक के कट रहे थे चालान और टोल टैक्स

जिला दुर्ग के थाना मोहन नगर क्षेत्र अंतर्गत फर्जी नंबर प्लेट लगाकर दूसरे वाहन का पंजीयन क्रमांक इस्तेमाल करने वाले एक आरोपी को पुलिस ने कार सहित गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी अपनी टोयोटा यारिस कार पर दूसरे वाहन का नंबर लगाकर चला रहा था, जिसके कारण असली वाहन मालिक के खाते से लगातार ट्रैफिक चालान और टोल टैक्स कट रहे थे। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश कर दिया है।

​इस तरह खुला फर्जीवाड़े का राज

​प्रार्थी मोनिश सोनी (निवासी रायपुर) ने 24 अगस्त 2026 को थाना मोहन नगर में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी टोयोटा यारिस कार (क्रमांक CG 07 BZ 5226) आरटीओ दुर्ग में रजिस्टर्ड है। प्रार्थी को पिछले कुछ समय से अपने वाहन के नाम पर ट्रैफिक चालान और टोल राशि कटने के संदेश मिल रहे थे, जबकि उस समय उनकी गाड़ी उन स्थानों पर मौजूद ही नहीं थी।

​जांच करने पर पता चला कि कोई अन्य व्यक्ति बिल्कुल वैसी ही टोयोटा यारिस कार पर प्रार्थी की गाड़ी का नंबर फर्जी तरीके से लगाकर चला रहा है। इस धोखाधड़ी के कारण प्रार्थी के खाते से करीब 2,000 रुपये का ट्रैफिक चालान और 7,000 से 8,000 रुपये की टोल राशि कट चुकी थी।

​पुलिस ने की दबिश, आरोपी गिरफ्तार

​प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए थाना मोहन नगर पुलिस ने तकनीकी सहायता और मुखबिर की सूचना पर त्वरित कार्रवाई की। पुलिस टीम ने हरी नगर स्थित रजत डोम के पास संदिग्ध वाहन की पहचान कर ली और आरोपी विजय सेन (उम्र 28 वर्ष, निवासी हरी नगर, दुर्ग) को धर दबोचा।

​कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने कबूल किया कि वह अपनी कार पर फर्जी तरीके से दूसरे वाहन का नंबर प्लेट लगाकर उपयोग कर रहा था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से टोयोटा यारिस कार (कीमत करीब ₹3,00,000/-) जप्त कर ली है।

​दर्ज मामले और धाराएं

​आरोपी विजय सेन के विरुद्ध थाना मोहन नगर में अपराध क्रमांक 600/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 336(3), 340(2), 345(3) और 347(1) के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्रवाई की गई है।

​दुर्ग पुलिस की अपील

​दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी को भी अपने वाहन के नंबर, दस्तावेजों या नंबर प्लेट के दुरुपयोग की आशंका हो, तो इसकी सूचना तुरंत नजदीकी थाने में दें। चालान या टोल कटने से संबंधित ऐसे फर्जी संदेशों के प्रमाण मिलने पर तुरंत पुलिस को अवगत कराएं, ताकि समय रहते सख्त कार्रवाई की जा सके।

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