दुर्ग जिले के थाना सुपेला पुलिस ने म्यूल (Mule) बैंक खातों की खरीद-बिक्री कर ऑनलाइन सट्टा के अवैध कारोबार में सहयोग करने वाले दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 4 मोबाइल फोन, 1 बैंक पासबुक और 3 एटीएम कार्ड जप्त किए हैं। दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
थाना सुपेला पुलिस को मुखबिर से सटीक सूचना मिली थी कि दाऊ बाड़ा तालाब के पास कुछ संदिग्ध व्यक्ति ऑनलाइन सट्टा के लेन-देन के लिए फर्जी या म्यूल बैंक खातों की खरीद-बिक्री कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मौके से दो संदिग्धों—नीरज गायकवाड़ और अंशु साव—को हिरासत में ले लिया।
पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए:
- आरोपी अंशु साव ने करण सागरिया से आंध्र प्रदेश ग्रामीण बैंक के 4 म्यूल खाते 80,000 रुपये में खरीदे थे।
- इसके बाद नीरज गायकवाड़ ने अंशु साव से यही चारों खाते 88,000 रुपये में खरीदकर सिकंदर नामक व्यक्ति को 1,00,000 रुपये में बेच दिए।
- इनमें से एक बैंक खाते का उपयोग सीधे ऑनलाइन सट्टा पैनल के लेन-देन में किया जा रहा था। क्यूआर कोड के माध्यम से आने वाली अवैध रकम को सिकंदर द्वारा बताए गए खातों में ट्रांसफर किया जाता था, जिसके एवज में प्रतिमाह 25,000 रुपये मिलने की बात सामने आई है।
गिरफ्तार आरोपी
- नीरज गायकवाड़ (उम्र 25 वर्ष), निवासी कृष्णा नगर, अंबेडकर चौक, सुपेला, जिला दुर्ग।
- अंशु साव (उम्र 22 वर्ष), निवासी स्पर्श अस्पताल के पास, पुरानी बस्ती, सतनामी पारा, सुपेला, भिलाई, जिला दुर्ग।
जप्त सामग्री
- मोबाइल फोन: 04 नग (नीरज से 02 और अंशु से 02)
- बैंक पासबुक: 01 नग
- एटीएम कार्ड: 03 नग
पुलिस की सख्त अपील
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे कम समय में अधिक पैसों के लालच में आकर अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, पासबुक या चेकबुक किसी अन्य व्यक्ति को किराए पर न दें और न ही बेचें। ऐसा करना गंभीर कानूनी अपराध है। यदि किसी के बैंक खाते के दुरुपयोग की आशंका हो, तो तत्काल बैंक और पुलिस को सूचित करें।
