
■बेमेतरा:- जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत चल रहे विकास कार्यों की जमीनी हकीकत दावों से कोसों दूर नजर आ रही है। जिले में इन दिनों ग्राम बिरसिंगी से चरगाँव के सड़क नवीनीकरण कार्य फिलहाल तय समय-सीमा बीत जाने के बाद भी अधूरा पड़ा हुआ है। जिसकी सूचना बोर्ड के अनुसार लागत करीब 366.38 लाख रुपये बताई जा रही है। चूंकि इतनी बड़ी लागत वाली क्षेत्र के इस अहम सड़क का निर्माण कार्य कागजों और धरातल पर सुस्त रफ्तार का शिकार हो गया है।
दरअसल इस 8.27 किलोमीटर लंबी सड़क के नवीनीकरण का अनुबंध राजधानी रायपुर मेसर्स सुरमी कांट्रक्शन, रायपुर को निर्माण का जिम्मा दिया गया है। जिसमे इस सड़क निर्माण कार्य शुभारंभ 13 जनवरी 2026 को किया गया था। नियमानुसार इस कार्य को 12 जुलाई 2026 तक पूरा किया जाना था, लेकिन डेडलाइन खत्म होने के हफ्तों और महीनों बाद भी सड़क की स्थिति जस की तस बनी हुई है। बताया जा रहा है कि बेमेतरा ज़िले के विभिन्न इलाकों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत कई स्वीकृत सड़क का निर्माण हाल ऐसे ही कछुए की रफ्तार से हो रहा है, जो कि जिला प्रशासन के लिए चिंताजनक है।
फिलहाल इस पूरे मामले पर जब प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के सहायक यंत्री अमर सिंह पैकरा से पक्ष जाना गया, तो उन्होंने बताया कि निर्धारित समय-सीमा पूर्ण हो जाने और वर्तमान में बरसात का मौसम एवं डामर की कमी होने के कारण सड़क का काम अधूरा रह गया है। उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि इस संबंध में ठेकेदार की ओर से उच्च विभाग को समयावधि बढ़ाने (एक्सटेंशन) के लिए आवेदन भेजा जाएगा। विभाग से अनुमति और नई समय-सीमा मिलने के बाद ही इस रुके हुए कार्य को दोबारा शुरू कर पूर्ण किया जाएगा अथवा ठेकेदार कार्य विलम्ब के लिए विभाग द्वारा पेनाल्टी लगाया जाएगा।
इस सम्बंध में क्षेत्र ले ग्रामीणों का कहना है कि विभाग द्वारा क्रियान्वित इस कार्य की धीमी गति के कारण काफी समस्याओं से बरसात में आमलोगों को भुगतना पड़ रहा है।।इस सड़क के अधूरा रहने से क्षेत्र के रहवासियों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर कीचड़ और अधूरे नवीनीकरण के कारण आवागमन जोखिम भरा हो गया है। वर्तमान में 5 साल की संधारण (रखरखाव) अवधि वाली इस सड़क के निर्माण में देरी से विभागीय निगरानी पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। जिस पर शासन-प्रशासन को ध्यान देने कजरूरत है।
