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◆दोहरी फसल की चाहत में समय से पहली लहलहा रही धान की बालियां, अन्नदाता खुश◆

■बेमेतरा:- जिले में कृषि प्रधान माहौल के बीच खरीफ सीजन की धान की खेती इस वर्ष खासी रौनक लेकर आई है। मौसम के अनुकूल रहने और किसानों की शुरुआती महीनों की कड़ी मेहनत रंग लाने के कारण जिले के चारों विकासखंडों और सभी 09 तहसील क्षेत्रों के खेतों में हरुना किस्म के धान की बालियां अभी से लहलहाने लगी हैं। धान की इस उन्नत और प्रारंभिक स्थिति को देखकर अन्नदाताओं के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही है, और इस बार बंपर उपज की प्रबल संभावना जताई जा रही है।

उल्लेखनीय है, कि जिले के कई प्रगतिशील किसानों ने धान की दोहरी (डबल) फसल लेने की विशेष चाहत के चलते सामान्य समय से काफी पहले ही खेतों में धान की रोपाई कर दी थी। किसानों की यह समय से पहले की गई तैयारी अब रंग ला रही है, क्योंकि फसलों में बालियां निकलने से यह फसल जल्द ही पककर कटाई के लिए तैयार हो जाएगी। इससे किसानों को पारंपरिक चक्र से पहले ही फसल प्राप्त होने की उम्मीद बंध गई है।

चूंकि कृषि विशेषज्ञों की माने तो क्षेत्र में जल्द पकने वाली इस फसल से किसानों को यह फायदा होगा कि वे तय समय से पहले खेत खाली कर अगली नई फसल की बुवाई या रोपाई आसानी से कर सकेंगे। इससे कृषि वर्ष में दोहरा लाभ कमाने का मार्ग प्रशस्त होगा और सालभर खेती से अधिक आमदनी प्राप्त करने की उम्मीदें बढ़ जाएंगी। हालांकि, इस शुरुआती फसल के समय से पहले आने के कारण कीटों या मौसम के संभावित प्रकोप की आशंका भी थोड़ी बढ़ गई है, जिसपर किसानों को विशेष सतर्कता बरतनी होगी।

फलस्वरूप वर्तमान में मौसम की अनुकूल परिस्थितियां बेमेतरा के किसानों के लिए वरदान साबित हो रही हैं। कृषि जानकारों का मानना है कि यदि मौसम का मिजाज इसी प्रकार सकारात्मक बना रहा, तो धान की पैदावार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचेगी। यह स्थिति न केवल स्थानीय किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगी, बल्कि पूरे जिले के कृषि परिदृश्य में एक सकारात्मक बदलाव लेकर आएगी।

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