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बिहार से चल रहा था करोड़ों का ऑनलाइन सट्टा गिरोह: दुर्ग पुलिस ने पटना में मारा छापा, 3 गिरफ्तार; 4 से 5 करोड़ का मंथली टर्नओवर बेनकाब

दुर्ग:-दुर्ग जिले की खुर्सीपार थाना पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा और साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी अंतर्राज्यीय कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने बिहार की राजधानी पटना में संचालित हो रहे एक बड़े ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक विधि-विरुद्ध बालक (माइनर) को अपनी अभिरक्षा में लिया है। आरोपी किराए के फ्लैट से इस अवैध नेटवर्क को चला रहे थे।

​क्या है पूरा मामला?

​थाना खुर्सीपार में अपराध क्रमांक 236/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(3), 318(4), 319 और छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम, 2022 की धारा 7 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था। पूर्व में इस गिरोह से जुड़े कुछ अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।

​विवेचना के दौरान मिले तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों के विश्लेषण और गोपनीय सूचना के आधार पर पुलिस को पता चला कि इस गिरोह के तार बिहार से जुड़े हुए हैं। इसके बाद दुर्ग पुलिस की एक विशेष टीम को बिहार के पटना भेजा गया।

​पटना के अपार्टमेंट में चल रहा था खेल

​तकनीकी निगरानी और स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाने के बाद पुलिस टीम ने पटना के नारायण प्लाजा अपार्टमेंट में स्थित एक किराए के मकान में अचानक दबिश दी। यहां से आरोपी ऑनलाइन सट्टा और बेटिंग का पूरा नेटवर्क संचालित कर रहे थे। पुलिस ने मौके से आरोपियों को दबोच लिया।

​हर महीने 4 से 5 करोड़ का होता था ट्रांजेक्शन

​प्रारंभिक जांच और वित्तीय विश्लेषण में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं:

  • ​गिरोह द्वारा विभिन्न ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग प्लेटफॉर्म के जरिए प्रतिदिन लगभग 12 से 15 लाख रुपये का सट्टा संचालित किया जाता था।
  • ​इस अवैध नेटवर्क का प्रतिमाह वित्तीय लेन-देन (टर्नओवर) लगभग 4 से 5 करोड़ रुपये का था।
  • ​आरोपी म्यूल बैंक खातों, नेट बैंकिंग और यूपीआई के माध्यम से पैसों का हेरफेर करते थे और पकड़े जाने से बचने के लिए लगातार बैंक खाते बदलते रहते थे।

​मॉडस ऑपरेंडी (अपराध का तरीका)

​आरोपी लूडो, कैसीनो, एविएटर (Aviator), फुटबॉल बेटिंग और अन्य ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर लोगों को आईडी उपलब्ध कराते थे और उन्हें हार-जीत के दांव लगाने के लिए लुभाते थे। पैसों के लेन-देन के लिए फर्जी या अन्य लोगों के खातों (म्यूल अकाउंट्स) का इस्तेमाल किया जाता था।

​गिरफ्तार आरोपियों का विवरण:

  1. आफताब अहमद (उम्र 24 वर्ष, निवासी अहमदनगर कैंप-2, रजा जामा मस्जिद के पास, थाना छावनी, भिलाई, जिला दुर्ग)
  2. दानिश खान (उम्र 24 वर्ष, निवासी कैंप-1, थाना वैशाली नगर, भिलाई, जिला दुर्ग)
  3. एक विधि-विरुद्ध बालक (किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के तहत अभिरक्षा में)

​भारी मात्रा में डिजिटल सामग्री बरामद

​पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सट्टा संचालन में इस्तेमाल हो रहे निम्नलिखित सामान जब्त किए हैं:

  • ​14 नग स्मार्ट मोबाइल फोन
  • ​14 नग एटीएम कार्ड
  • ​11 नग बैंक पासबुक
  • ​ऑनलाइन सट्टा संचालन से जुड़े अन्य इलेक्ट्रॉनिक और दस्तावेजी साक्ष्य

​दुर्ग पुलिस की अपील:

  • ​किसी भी प्रकार के ऑनलाइन सट्टा, अवैध बेटिंग या साइबर गतिविधियों से दूर रहें।
  • ​अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड या पर्सनल डॉक्यूमेंट्स किसी भी अनजान व्यक्ति को उपयोग के लिए न दें।
  • ​किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन सट्टा या वित्तीय धोखाधड़ी की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें।
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