गंडई (खैरागढ़-छुईखदान-गंडई):
छत्तीसगढ़ महतारी के सम्मान और प्रदेश की समृद्ध लोक-संस्कृति को सहेजने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना एवं सर्व छत्तीसगढ़िया समाज द्वारा गंडई में एक भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन की तैयारियां जोर-शोर से की जा रही हैं। आगामी 12 सितंबर 2026 (शनिवार) को गंडई में पूरे हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ छत्तीसगढ़ महतारी की भव्य प्रतिमा की स्थापना की जाएगी।
गांव-गांव पहुंच रहा “झारा-झारा नेवता”
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के समर्पित कार्यकर्ता लगातार जनसंपर्क में जुटे हुए हैं। समिति के तेजस जंघेल, तोरण पटेल, दीपक वर्मा, बहुर सिंह, गौतम यादव, पुन्नू पटेल, जीतू बघेल, राकेश साहू समेत अन्य कार्यकर्ता क्षेत्र के गांव-गांव जाकर ग्रामीणों को “गंडई चलव… गंडई चलव…” का पारंपरिक ‘झारा-झारा नेवता’ (ससम्मान आमंत्रण) दे रहे हैं।
कार्यक्रम की प्रमुख रूपरेखा
- तिथि व दिन: 12 सितंबर 2026, शनिवार
- भव्य रैली का समय: प्रातः 10:00 बजे से
- रैली का मार्ग: देऊर मंदिर (टिकरीपारा) से प्रारंभ होकर गोंडवाना मैदान तक।
- सभा एवं कार्यक्रम स्थल (ठउर): गोंडवाना मैदान, गंडई (स्वामी आत्मानंद स्कूल के पास)।
आयोजन के मुख्य आकर्षण
मूर्ति स्थापना के इस पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ की विविध सांस्कृतिक परंपराओं की सुंदर झलक देखने को मिलेगी:
- पारंपरिक लोक नृत्य: पंथी, सुआ, कर्मा और राउत नाचा की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां।
- पारंपरिक वाद्य यंत्र: गड़वा बाजा की गूंजती धुन पर लोक संस्कृति का अद्भुत समागम।
- भव्य रथ व डी.जे. रैली: छत्तीसगढ़ महतारी के विशेष रथ के साथ विशाल रैली का आयोजन।
- रात्रिकालीन भव्य झांकी: रात्रि में ‘दाई के दुलारवा जस झांकी पटपर (डोंगरगढ़)’ द्वारा विशेष और मनमोहक सांस्कृतिक झांकी की प्रस्तुति दी जाएगी।
नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील
आयोजक मंडल एवं क्रांति सेना के कार्यकर्ताओं (तेजस जंघेल, तोरण पटेल, दीपक वर्मा, बहुर सिंह, गौतम यादव, पुन्नू पटेल, जीतू बघेल आदि) ने क्षेत्र के सभी नागरिकों, माताओं, बहनों एवं युवाओं से अपील की है कि वे 12 सितंबर को अधिक से अधिक संख्या में गंडई पहुंचकर इस सांस्कृतिक महाआयोजन के साक्षी बनें और छत्तीसगढ़ महतारी का आशीर्वाद प्राप्त करें।

