
बेमेतरा/देवकर:- देवकर अंचल क्षेत्र में इन दिनों आवारा मवेशियों की समस्या विकराल रूप लेती जा रही है। हाल ही में देवकर क्षेत्र से सैकड़ों की संख्या में लावारिस मवेशियों के नवकेशा पंचायत की ओर बढ़ने की खबर सामने आई है, जिससे स्थानीय किसानों की नींद उड़ गई है। चूंकि वर्तमान में बारिश के सीजन होने से धान के फसल की बुवाई का दौर चल रहा है। वही देवकर ग्रामीण अंचल के खेतों में हर तरफ धान की लहलहाती फसलें मौजूद हैं। ऐसे में यदि ये मवेशी खेतों में घुस गए, तो किसानों की महीनों की मेहनत पलभर में बर्बाद हो होने की आशंका से क्षेत्र के किसान काफी चिंतित व भयभीत है।
फसल बर्बादी की आशंका से किसान चिंतित
हालांकि इस घटनाक्रम पर ग्राम नवकेशा के किसानों का कहना है कि अगर मवेशियों के आने का यह सिलसिला यूं ही जारी रहा, तो इस साल धान की फसल बचा पाना काफी चुनौतीपूर्ण हो जाएगा। किसानों ने चिंता जताते हुए कहा कि वे दिन-रात अपने खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं, लेकिन मवेशियों की इतनी बड़ी संख्या को नियंत्रित करना अकेले उनके बस में नहीं है।
सरकारी योजनाओं और गौ-संरक्षण का कार्य महज कागजो पर
बहरहाल इस गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीणों और किसानों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। आमलोगों का आरोप है कि सरकार द्वारा गौ-संरक्षण और संवर्धन के लिए तमाम योजनाएं कागजों पर चलाई जा रही हैं, लेकिन धरातल पर स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है। सड़कों और चौक-चौराहों पर भटकने वाले लावारिस मवेशियों की संख्या दिनों-दिन बढ़ती जा रही है स्थानीय नागरिकों का यह भी आरोप है कि कई सड़को पर मवेशियों के भटकने के मामले में न कोई सुध ले रहा है और न ही इस दिशा में कोई संज्ञान लेने वाला नही है। जिसमे मवेशियों की सुरक्षा एवं व्यवस्थ पर विभिन्न संगठनों द्वारा और प्रशासन की ओर से इनके संरक्षण या चारे-पानी की कोई उचित व्यवस्था नही की जा रही है।
प्रशासन से तत्काल कदम उठाने की मांग
फिलहाल ग्राम नवकेशा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन मवेशियों को सुरक्षित गोष्ठानों या अन्यत्र स्थानांतरित नहीं किया गया, तो उन्हें मजबूरन बड़ा अन्य कदम उठाना पड़ेगा।
