दुर्ग। पशु तस्करी और मवेशी चोरी के खिलाफ दुर्ग पुलिस ने एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। थाना अण्डा अंतर्गत ग्राम चिरपोटी क्षेत्र में भैंस चोरी कर परिवहन कर रहे चार शातिर आरोपियों और एक नाबालिग को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी की दो भैंसें और वारदात में इस्तेमाल किया गया ‘टाटा एस’ (छोटा हाथी) वाहन जब्त किया गया है।
ग्रामीणों की सजगता से पकड़ में आए चोर
घटना 12 मई 2026 की है। ग्राम चिरपोटी के सिरसिदा खार रेलवे बोगदा पुलिया के पास कुछ संदिग्ध लोग टाटा एस वाहन (क्रमांक CG 04 JC 2612) में भैंस और पड़िया लादकर ले जा रहे थे। ग्रामीणों को शक होने पर उन्होंने बोरीगारका के पास घेराबंदी कर वाहन को रोका। पूछताछ में वाहन चालक और उसके साथियों ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया और बाद में स्वीकार किया कि वे मवेशियों को चोरी कर ले जा रहे थे।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
सूचना मिलते ही अण्डा थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अपराध क्रमांक 51/2026 दर्ज किया। विवेचना के दौरान मुख्य आरोपी अवतार सिंह उर्फ बाउ और भूपेन्द्र कुमार महार से कड़ाई से पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गिरोह के सभी सदस्यों को हिरासत में ले लिया।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
पुलिस ने निम्नलिखित आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय और किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया है:
- अवतार सिंह उर्फ बाउ (40 वर्ष): निवासी बजरंग चौक कुरूद, जामुल।
- भूपेन्द्र कुमार महार उर्फ छोटू (28 वर्ष): निवासी आदर्श नगर, उतई।
- खेमचंद उर्फ खेमू साहू (23 वर्ष): निवासी ग्राम चिरपोटी, अण्डा।
- ऐवेन्द्र साहू उर्फ गोलू (20 वर्ष): निवासी ग्राम चिरपोटी, अण्डा।
- एक विधि विरुद्ध बालक (नाबालिग)।
इन सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) और 3(5) के तहत वैधानिक कार्यवाही की गई है।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस सफल कार्यवाही में सउनि सुन्दर लाल नेताम के नेतृत्व में सउनि राजेश साहू, प्रधान आरक्षक दिलीप राउत, आरक्षक जयप्रकाश साहू, पवन नौरंगे, रूपेश कोमा, अजय चंद्राकर, तेजेश्वर साहू और संदीप कुर्रे का विशेष योगदान रहा।
दुर्ग पुलिस की अपील:
पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने मवेशियों की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहें। यदि कहीं भी मवेशी चोरी या संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत डायल 112 या नजदीकी थाने को सूचित करें। अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

