
बेमेतरा:- जिले के बेरला ब्लॉक अंतर्गत ग्राम सोरला में निर्माणाधीन अनाज गोदाम अपनी गुणवत्ता को लेकर विवादों के घेरे में है। जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ स्टेट वेयरहाउस कॉर्पोरेशन विभाग द्वारा वर्ष 2024-25 से शुरू किए गए इस बड़े प्रोजेक्ट में शुरुआत से ही लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लग रहे हैं।तकरीबन 12 हजार मीट्रिक टन की विशाल स्टोरेज क्षमता वाले सीजीएसडब्लूसी विभाग द्वारा निर्मित आठवां गोदाम(एफसीआई सहित) है जिसके भविष्य पर अब सवालिया निशान खड़े हो रहे है।

उल्लेखनीय है कि वर्तमान में गोदाम का निर्माण अपने अंतिम पड़ाव पर है। ताज़ा जानकारी के अनुसार, स्लैब छज्जा, चबूतरा और शेड के महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों में भारी कोताही बरती जा रही है। मौके पर मौजूद स्थिति को देखकर लगता है कि निर्माण में उपयोग की जा रही रेत और सरिया बेहद निम्न स्तर का है। साथ ही तराई में लापरवाही निर्माण की मजबूती के लिए सबसे जरूरी पानी तराई की प्रक्रिया को भी नजरअंदाज किया जा रहा है।चूंकि घटिया सामग्री के इस्तेमाल से भविष्य में चबूतरे धंसने या स्लैब में दरारें आने की प्रबल संभावना है, जो करोड़ों की लागत से बन रहे इस सरकारी ढांचे के लिए घातक साबित हो सकती है। वही मौके पर इंजीनियर की गैरमौजूदगी से कार्यस्थल पर तकनीकी निगरानी की भारी कमी देखी जा रही है। ग्रामीणों की माने तो निर्माण कार्य के दौरान विभागीय उप अभियंता अक्सर नदारद रहते हैं। जिम्मेदार अधिकारी की अनुपस्थिति में ठेकेदार और मजदूर अपनी मनमर्जी से काम कर रहे हैं। बिना किसी तकनीकी पर्यवेक्षण के हो रहा यह निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठा रहा है।
इस सम्बंध में छत्तीसगढ़ स्टेट वेयरहाउस कॉरपोरेशन विभाग के कार्यपालन अभियंता जीएल तिवारी से सम्पर्क करने पर उनके द्वारा कोई प्रतिक्रिया नही दी गयी।

