■कवर्धा/दुर्ग:- शासन-प्रशासन के सख्त निर्देशों के बावजूद सेतु लोक निर्माण विभाग में अधिकारियों की मनमानी चरम पर है। ताज़ा मामला कवर्धा सेतु उपसंभाग का है, जहाँ पदस्थ अनुविभागीय अधिकारी और एक उप अभियंता अपने मूल पदस्थापना स्थल कवर्धा (सब डिवीजन) को छोड़कर दुर्ग(डिवीजन) कार्यालय के मोह में फंसे हुए हैं। आलम यह है कि अधिकारी कवर्धा के बजाय दुर्ग संभाग कार्यालय में अधिक समय बिता रहे हैं, जिससे क्षेत्र के विकास कार्य भगवान भरोसे चल रहे हैं।
मूल दफ्तर से दूरी, दुर्ग से जुड़ाव
जानकारी के अनुसार, कवर्धा उपसंभाग में पदस्थ अनुविभागीय अधिकारी बीडी. शेन्डे और उप अभियंता लाकेश कुमार सिन्हा का मुख्यालय कवर्धा है। लेकिन ये दोनों अधिकारी अपने मूल दफ्तर में उपस्थिति दर्ज कराने के बजाय अधिकांश समय ब्रिज पीडब्ल्यूडी डिवीजन दुर्ग में नज़र आते हैं। बताया जा रहा है कि दोनों अधिकारियों का निवास दुर्ग में होने और पूर्व में वहीं पदस्थापना रहने के कारण वे स्थल मोह नहीं त्याग पा रहे हैं, और बड़े मियां तो बड़े मियाँ छोटे मियां शुभानलल्लाह की तर्ज पर मनमानी करते नज़र आ रहे है।बता दे कि दुर्ग से कवर्धा की दूरी करीब 150 किलोमीटर के करीब है। जिससे दूरी होने पर ऑफिसर निरन्तर निरीक्षण एवं ऑफिस कार्य से बचते नज़र आते है।
अफसरों की मनमानी के कारण सब डिवीजन के निर्माण कार्यों पर पड़ा ग्रहण
दरअसल कवर्धा उपसंभाग के अंतर्गत बेमेतरा और कबीरधाम जिले आते हैं। जिसमे करीब 05 सब इंजीनियर के भरोसे सब डिवीजन कार्य का कामकाज सम्भाला जा है। वर्तमान में इन दोनों जिलों में लगभग आधा दर्जन पुलों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। जिसमे कबीरधाम में आमेर व बांटीपथरा एवं बेमेतरा के बोरतरा, पदमी- पदुमसरा, नयापारा व खैरी- खैरझिटी के साथ कोदवा- सुरूंगदाहरा, चेतवा- किरितपुर पुल निर्माण स्तर पर है। वही आधा दर्जन और पुल निर्माण की स्वीकृति दोनों ज़िलों में हो चुकी है। किन्तु अफसरों की मनमानी का तकाजा पुल निर्माण कार्य को भुगतना पड़ रहा है। नियमानुसार, निर्माण कार्यों के दौरान अधिकारियों का निरंतर निरीक्षण अनिवार्य है। लेकिन अफसरों की अक्सर अनुपस्थिति के कारण गुणवत्ता और समय-सीमा प्रभावित हो रही है। कवर्धा कार्यालय वर्तमान में ज्यादातर समय महज गिनती के अफसरों व कर्मचारियों के भरोसे संचालित हो रहा है।
दशकों से एक ही क्षेत्र में जमे उप अभियंता
हैरानी की बात यह है कि कवर्धा सब डिवीजन के उप अभियंता एल.के. सिन्हा पिछले लगभग एक दशक से बेमेतरा क्षेत्र में ही पदस्थ हैं। लंबे समय तक एक ही स्थान पर जमे रहने के कारण उनकी कार्यप्रणाली अब सवालों के घेरे में है। शासन का स्पष्ट निर्देश है कि अधिकारी अपने सेवास्थल पर ही निवास करें, लेकिन यहाँ सरकारी फरमान की खुली अवहेलना की जा रही है।
शिकायत के बाद जांच का आश्वासन
हालाँकि अधिकारियों के इस रवैये और मूल कार्यालय से नदारद रहने की लिखित शिकायत सेतु लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता सीके. पाण्डेय से की गई है। शिकायत में बताया गया है कि अधिकारियों के गिनती के दिन ही कवर्धा आने से जनहित के कार्य बाधित हो रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्यपालन अभियंता ने इसे तत्काल संज्ञान में लेने और उचित कार्रवाई करने की बात कही है।

