बेमेतरा/बेरला: प्रत्येक दस वर्ष में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय जनगणना की तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं। राज्य में पहले चरण के तहत मकानसूचीकरण (Houselisting) का कार्य 1 मई से 30 मई तक संचालित किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए बेमेतरा और बेरला क्षेत्र के प्रगणकों (Enumerators) एवं पर्यवेक्षकों (Supervisors) को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
डिजिटल होगी जनगणना, मोबाइल ऐप का होगा उपयोग
इस बार की जनगणना कई मायनों में ऐतिहासिक होने वाली है। पहली बार पूरी प्रक्रिया को डिजिटल रूप दिया गया है। प्रगणक अब कागज-कलम के बजाय मोबाइल ऐप के माध्यम से घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे। प्रशिक्षण के दौरान फील्ड मास्टर ट्रेनर्स द्वारा ऐप के इंस्टॉलेशन से लेकर डाटा एंट्री और रियल-टाइम अपलोडिंग तक की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
आम नागरिकों के लिए ‘स्व-गणना’ की सुविधा
देश में पहली बार स्व-गणना (Self-Enumeration) पोर्टल की शुरुआत की जा रही है। इसके तहत नागरिक पोर्टल पर स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। स्व-गणना पूरी होने पर एक 12 अंकों की आईडी प्राप्त होगी, जिसे प्रगणक के घर आने पर उन्हें दिखाना अनिवार्य होगा। इससे समय की बचत होगी और शुद्धता बढ़ेगी।
फील्ड मास्टर ट्रेनर्स दे रहे व्यावहारिक प्रशिक्षण
बेरला चार्ज अधिकारी यू.के. मानकर और भींभौरी के चार्ज अधिकारी के.आर. वासनिक के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसमें महेंद्र कुमार वर्मा, सुखनंदन साव, विकेश कुमार यादव, जीवधन देवांगन, मनोज कुमार वर्मा और रविशंकर सेन जैसे मास्टर ट्रेनर्स प्रगणकों को फील्ड ट्रेनिंग भी दे रहे हैं।
- प्रमुख बिंदु: पहले चरण में आवास की स्थिति, फर्श, दीवार, छत, बिजली, पेयजल और शौचालय जैसी 34 श्रेणियों में जानकारी जुटाई जाएगी।
- नक्शा तैयार करना: प्रगणक अपने आवंटित क्षेत्र का ले-आउट नक्शा पटवारी और कोटवार के सहयोग से तैयार करेंगे।
शिक्षकों की बड़ी भूमिका, तकनीकी टीम रखेगी नजर
इस कार्य में शिक्षा विभाग के साढ़े चार सौ से अधिक शिक्षक, प्रधानपाठक और व्याख्याता जुटे हुए हैं। नगरीय क्षेत्रों का प्रशिक्षण पूर्ण हो चुका है और 1 मई से टीमें धरातल पर उतरेंगी।
पूरी प्रक्रिया की निगरानी सेंसस मैनेजमेंट एंड मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए की जाएगी। ऐप संचालन में आने वाली तकनीकी बाधाओं को दूर करने के लिए अनिल चतुर्वेदी, विनय, भावेश और हरीश सहित एक समर्पित तकनीकी टीम भी तैनात की गई है। अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे प्रगणकों को सही जानकारी देकर इस राष्ट्रीय अभियान में सहयोग करें।

