बेमेतरा:- प्रदेश में सूरज के तीखे तेवर और भीषण गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। ग्रामीण अंचलों में इस तपती धूप में सफर करने वाले राहगीरों के लिए अब मौसमी फल बड़ी राहत बना नजर आ रहा है। दरअसल इन दिनों बेरला -राजधानी रायपुर मार्ग पर लोर नदी के पास स्थित ग्राम पिरदा और नेवनारा के बीच सड़क किनारे पेड़ की छांव में स्थानीय बाड़ी संचालकों ने हर साल की तरह मौसमी फलों की अस्थाई दुकानें सजाई हैं, जो यात्रियों के लिए गर्मी में राहत व सुकून पहुँचाने का काम कर रही हैं।
चूंकि ताजे फलों की जमकर डिमांड दुकानों पर सुबह से ही राह चलते राहगीरों का तांता लगा रहता है। यहाँ बाड़ियों से सीधे आए ताजे फलों की अनेक वैरायटी उपलब्ध है। बाजार में मुख्य रूप से काफी फलों की मांग सबसे अधिक देखी जा रही है जिसमे तरबूज और खरबूजा जो शरीर में पानी की कमी दूर करने के लिए पहली पसंद बनी हुई है। वही आम और संतरा विटामिन-सी और ताजगी के लिए काफी लोकप्रिय है। जबकि ककड़ी और नारियल पानी इन भीषण गर्मी डिहाइड्रेशन से बचने का सबसे सुलभ माध्यम है। साथ ही फलों में केला, अंगूर, पपीता और सेब भी भारी मात्रा में बिक रहे हैं। फिलहाल सेहत के लिए वरदान स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मी के मौसम में तली-भुनी चीजों के बजाय रसीले और मौसमी फलों का सेवन सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है। ये न केवल शरीर को ठंडा रखते हैं, बल्कि जरूरी तत्वो की कमी को भी पूरा करते हैं। स्थानीय राहगीर बताते हैं कि इस लंबे मार्ग पर लोर नदी के पास मिलने वाले ये ताजे फल उनकी थकान मिटा देते हैं। बाड़ी से सीधे आने के कारण ये फल ताजे और अपेक्षाकृत किफायती भी होते हैं। सड़क किनारे सजी इन दुकानों ने न केवल राहगीरों को राहत दी है, बल्कि स्थानीय बाड़ी संचालकों को रोजगार का एक अच्छा अवसर भी प्रदान किया है। भीषण गर्मी के इस दौर में ये फल भंडार लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं। इस सम्बंध में नन्दू छत्तीसगढ़िया फल भंडार के विक्रेता से बात की गई तो उन्होंने बताया कि कुछ फलों को छोड़कर ज्यादातर फल आसपास के इलाकों के फार्म व बाड़ियों से लाकर स्टॉल में सजाया गया है। इन दिनों गर्मी में ताजे फ्रूट्स खूब डिमाण्ड रहती है। आम राहगीर राह चलते रुककर फल खरीद रहे है।
