खैरागढ़: में विकास के तमाम दावों के बीच सर्रागोंदी गांव की सूरत आज बदहाली की कहानी बयां कर रही है। पिछले 20 दिनों से गांव के हालात बद से बदतर बने हुए हैं, लेकिन शासन-प्रशासन समेत स्थानीय जनप्रतिनिधि इस ओर से पूरी तरह आंखें मूंदे बैठे हैं।
कीचड़ और गंदगी से पटी गलियां
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव की नालियां पूरी तरह जाम पड़ी हैं, जिसके कारण गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। पिछले 20 दिनों से जलजमाव की स्थिति बनी हुई है, जिससे न केवल आवागमन बाधित हो रहा है, बल्कि मच्छरों के प्रकोप से बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि अब तक न तो नालियों की सफाई हुई है और न ही इस समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम उठाया गया है।
सरपंच की बेरुखी से ग्रामीणों में आक्रोश
सबसे ज्यादा नाराजगी स्थानीय सरपंच के खिलाफ देखी जा रही है। ग्रामीणों ने भरे मन से बताया कि:
“20 दिन हो गए हैं हम इस गंदगी में रहने को मजबूर हैं, लेकिन सरपंच साहब ने अब तक गांव का रुख तक नहीं किया है। उन्हें हमारी तकलीफों से कोई सरोकार नहीं है।”
मुख्य समस्याएं एक नजर में:
- जाम नालियां: जल निकासी न होने से सड़कों पर भरा गंदा पानी।
- अधूरे निर्माण कार्य: नली और सड़क से जुड़े काम अधर में लटके हुए हैं।
- स्वास्थ्य का खतरा: गंदगी के कारण संक्रामक बीमारियों फैलने का डर।
- जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति: समस्याओं को सुनने वाला कोई जिम्मेदार मौजूद नहीं।
प्रशासन से गुहार
सर्रागोंदी के परेशान ग्रामीणों ने अब उच्चाधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही नालियों की सफाई और अधूरे कार्यों को पूरा नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
