बेरला: बेमेतरा जिले के जनपद पंचायत बेरला अंतर्गत ग्राम पंचायत मनियारी में स्थित शीतला मंदिर के समीप का तालाब इन दिनों भीषण दुर्दशा का शिकार है। तालाब में पसरी गंदगी और जलकुंभी (चितावर) के कारण स्थानीय रहवासी गंभीर बीमारियों के खतरे के बीच जीने को मजबूर हैं। बार-बार शिकायत के बावजूद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

बीमारियों का फैल रहा खतरा
ग्रामीणों के अनुसार, शीतला मंदिर के पास स्थित कुंडनुमा तालाब में न केवल गांव की नालियों का गंदा पानी मिल रहा है, बल्कि वहां कचरे का ढेर भी लगा हुआ है। भीषण बदबू और मच्छरों के प्रकोप के कारण आसपास के वार्डवासियों का जीना दुश्वार हो गया है। स्थानीय निवासी रविंद्र भास्कर चौबे ने बताया कि गंदगी इतनी बढ़ गई है कि यहां संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है, जिससे वार्डवासियों में भय का माहौल है।
प्रशासनिक अनदेखी से ग्रामीणों में रोष
ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने सरपंच, सचिव से लेकर जनपद और तहसील कार्यालय तक कई बार लिखित आवेदन दिए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। शीतला सेवा समिति के सदस्य राम दयाल साहू ने बताया कि बार-बार गुहार लगाने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि केवल आश्वासन देकर टालमटोल कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की ‘स्वच्छता’ की योजनाएं केवल कागजों और अखबारों तक सीमित होकर रह गई हैं, जबकि धरातल पर स्थिति बेहद दयनीय है।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें:
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही तालाब की सफाई नहीं की गई, तो स्थिति और भी भयावह हो सकती है। उनकी मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:
- तालाब की तत्काल सफाई: जलकुंभी और जमा कचरे को हटाकर पानी को स्वच्छ बनाया जाए।
- सौंदर्यीकरण: तालाब के चारों ओर पचरी निर्माण और बाउंड्रीवाल का निर्माण हो।
- प्रकाश व्यवस्था: तालाब परिसर में स्ट्रीट लाइट लगाई जाए ताकि रात के समय लोगों को आवाजाही में सुविधा हो।
स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप कर इस समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है, ताकि ग्राम पंचायत मनियारी के नागरिकों को इस नरकीय स्थिति से मुक्ति मिल सके।

