दुर्ग जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस ने एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। थाना सुपेला, थाना खुर्सीपार और एसीसीयू (ACCU) की संयुक्त कार्रवाई में साइबर ठगी की रकम के लेनदेन में इस्तेमाल किए जा रहे 13 म्यूल (Mule) बैंक खाताधारकों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के पास से बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और मोबाइल फोन समेत कई दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
मामला क्या है?
पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर दुर्ग पुलिस साइबर फ्रॉड और अवैध खातों के नेटवर्क पर लगातार शिकंजा कस रही है। जांच में सामने आया कि कुछ लोग थोड़े से कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते और दस्तावेज साइबर अपराधियों को सौंप रहे थे। इन खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी की काली कमाई को छिपाने और इधर-उधर ट्रांसफर करने के लिए किया जा रहा था।
तकनीकी विश्लेषण और बैंक रिकॉर्ड्स की जांच के बाद पुलिस ने दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया:
- थाना सुपेला: बंधन बैंक से जुड़े 09 खाताधारकों के खिलाफ अपराध क्रमांक 679/2026 (धारा 318(2), 318(3), 318(4) BNS) दर्ज किया गया।
- थाना खुर्सीपार: इंडियन बैंक से जुड़े 04 खाताधारकों के खिलाफ अपराध क्रमांक 272/2026 (धारा 318(2), 318(3), 318(4) BNS) दर्ज किया गया।
अपराध का तरीका (Modus Operandi)
- कमीशन का लालच: आरोपी छोटे-मोटे मुनाफे या ₹2,000 से ₹15,000 तक के कमीशन के लालच में फंस जाते थे।
- खाता और दस्तावेज सौंपना: ये लोग अपने और अन्य व्यक्तियों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उनके पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और मोबाइल सिम कार्ड एजेंटों के जरिए साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे।
- रकम की हेराफेरी: साइबर ठगी से मिलने वाली अवैध राशि को इन ‘म्यूल अकाउंट्स’ के जरिए घुमाया जाता था, जिससे असली अपराधियों तक पुलिस आसानी से न पहुंच सके। जांच में इन खातों से लगभग 10 लाख रुपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन मिले हैं।
गिरफ्तार किए गए 13 आरोपियों के नाम
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर निम्नलिखित आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार किया है:
- डी. श्रीनिवास राव (32 वर्ष), निवासी – सेक्टर-02, भिलाई
- मनीष सिंह मट्टू (36 वर्ष), निवासी – सेक्टर-02, भिलाई
- जितेन्द्र साहू (37 वर्ष), निवासी – करहीडीह, दुर्ग
- यश यादव (20 वर्ष), निवासी – गिरधारी नगर, दुर्ग
- मयंक पटेल (25 वर्ष), निवासी – शंकर नगर, दुर्ग
- रोशन सारथी (24 वर्ष), निवासी – बजरंग नगर, दुर्ग
- तुषार कसरे (22 वर्ष), निवासी – शंकर नगर, दुर्ग
- प्रवीण कुमार (21 वर्ष), निवासी – समोदा, जेवरा सिरसा
- प्रवीण कुशवाहा (25 वर्ष), निवासी – शंकर नगर, दुर्ग
- अजय बंसोड़ (44 वर्ष), निवासी – बीड़ी कॉलोनी, उरला
- संगीत साहू (28 वर्ष), निवासी – शंकर नगर, हरना बांधा, दुर्ग
- उभय यादव (20 वर्ष), निवासी – सुपेला, दुर्ग
- डीलेश मरकाम, निवासी – सिकोला बस्ती, दुर्ग
जब्त सामग्रियां
- बैंक पासबुक
- एटीएम कार्ड
- चेकबुक
- मोबाइल सिम कार्ड
- मोबाइल फोन
- अन्य बैंक संबंधी दस्तावेज
दुर्ग पुलिस की आम जनता से सख्त अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों को चेतावनी देते हुए अपील की है कि अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक या सिम कार्ड कभी भी किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग के लिए न दें।
यदि आपके खातों का उपयोग साइबर ठगी या अवैध लेनदेन में पाया जाता है, तो खाताधारक होने के नाते आप भी सीधे तौर पर कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ जाएंगे। यदि किसी ने आपके दस्तावेजों का दुरुपयोग किया है, तो इसकी सूचना तुरंत बैंक, नजदीकी पुलिस थाने या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर दर्ज कराएं
