दुर्ग जिले के थाना भिलाई भट्ठी क्षेत्र में वन विभाग में रेंजर के पद पर नौकरी लगवाने का झांसा देकर 8,00,000 रुपये की धोखाधड़ी करने वाले तीन शातिर आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने मंत्रालय का फर्जी नियुक्ति पत्र थमाकर प्रार्थी से ठगी की थी। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर विधिवत न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
क्या है पूरा मामला?
प्रार्थी दिनेश कुमार (निवासी सेक्टर-02, भिलाई) ने 9 अगस्त 2026 को थाना भिलाई भट्ठी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उनकी शिकायत के मुताबिक, वर्ष 2023 में आरोपियों ने उनके बेटे को वन विभाग में रेंजर के पद पर नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। इस एवज में आरोपियों ने अलग-अलग किस्तों में कुल 8 लाख रुपये ऐंठ लिए।
भरोसा दिलाने के लिए आरोपियों ने छत्तीसगढ़ मंत्रालय से जारी बताकर एक फर्जी नियुक्ति प्रमाण पत्र भी प्रार्थी को थमा दिया था। काफी समय बीतने के बाद भी जब नौकरी नहीं लगी और प्रार्थी ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी टालमटोल करने लगे। ठगी का अहसास होने पर प्रार्थी ने थाने में मामला दर्ज कराया।
पुलिस की कार्रवाई
प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना भिलाई भट्ठी पुलिस ने तुरंत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की। पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और दबिश के आधार पर तीनों आरोपियों को हिरासत में लिया। कड़ाई से पूछताछ करने और पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद 11 अगस्त 2026 को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर दिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
- भारतेन्दु मेश्राम (उम्र 36 वर्ष), निवासी- मकान नं. 167/एन-6, एकता नगर, ठेलका बोर्ड, पोस्ट गोविंदपुर, थाना एवं जिला कांकेर, छत्तीसगढ़।
- हनी श्रेष्ठ (उम्र 42 वर्ष), निवासी- कृष्णा ग्रैण्ड सिटी, के-21, आर्य नगर, कोहका, चौकी स्मृति नगर, थाना सुपेला, जिला दुर्ग।
- भोजेन्द्र कुमार (उम्र 32 वर्ष), निवासी- ग्राम टिकरी अर्जुनी, थाना अर्जुन्दा, जिला बालोद।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि सरकारी नौकरी लगवाने या किसी भी विभाग में पद दिलाने के नाम पर झांसे में न आएं और किसी को भी पैसे न दें। शासकीय नियुक्ति से जुड़ी प्रक्रिया की सत्यता की पुष्टि हमेशा संबंधित विभाग से अवश्य करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या धोखाधड़ी की सूचना मिलने पर तुरंत नजदीकी पुलिस थाने को सूचित करें।
