
■बेमेतरा:- जिले के बेमेतरा विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम चरगवां से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहां शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला और शासकीय प्राथमिक शाला परिसर में नियमों को ताक पर रखकर न सिर्फ सरेआम बिजली चोरी की जा रही है, बल्कि विद्युत सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर खतरनाक तरीकों से विभाग की संपत्ति और व्यवस्था को खुलेआम चुनौती दी जा रही थी। शिक्षा के इन मंदिरों में चल रहे इस अवैध खेल ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
जानकारी के अनुसार, वर्तमान में चरगवां गांव में हाई स्कूल और मिडिल स्कूल के नए भवनों का निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है। इस निर्माण कार्य के दौरान कंक्रीट मिक्सर मशीन चलाने, अन्य जरूरी कार्यों और पानी की आपूर्ति जैसी बुनियादी आवश्यकताओं के लिए संबंधित ठेकेदार द्वारा कोई भी वैध विद्युत कनेक्शन नहीं लिया गया था। इसके बजाय, परिसर में बिजली चोरी का एक खतरनाक खेल चल रहा था, जिसमें सीधे बिजली खंभों से हुकिंग प्रणाली के माध्यम से तार जोड़कर परिसर के भीतर बिजली खींची जा रही थी। जिसमे सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया में ठेकेदार द्वारा स्कूल प्रबन्धन के साथ मिलकर विद्युत विभाग की मुख्य तारों, मीटर और स्थापित विद्युत संरचनाओं के साथ खुलकर छेड़छाड़ की जा रही थी। बिना किसी तकनीकी सुरक्षा और अनुमति के किए जा रहे इस खतरनाक अवैध कनेक्शन से स्कूल परिसर में कभी भी कोई बड़ा हादसा या शॉर्ट सर्किट होने का गंभीर खतरा मंडरा रहा था। इस तरह से न केवल बेमेतरा विद्युत विभाग को आर्थिक चूना लगाया जा रहा था, बल्कि मासूम बच्चों और स्कूल स्टाफ की सुरक्षा को भी दांव पर लगाया जा रहा था।
यह पूरा क्षेत्र बेमेतरा विद्युत संभाग के दाढ़ी सबडिवीजन के अंतर्गत आता है। इस गंभीर आपराधिक लापरवाही और विद्युत चोरी के मामले पर जब दाढ़ी सबडिवीजन के सहायक अभियंता (एई) चंद्रकांत साहू से चर्चा की गई, तो उन्होंने मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए तत्काल मैदानी अमले को भेजकर जांच कराने और दोषी ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार कड़ी विद्युत कार्रवाई (दंडात्मक कार्रवाई) करने का पूरा आश्वासन दिया है।
वहीं, इस पूरे प्रकरण को लेकर बेमेतरा विद्युत संभाग के कार्यपालन अभियंता (ईई) जे.एस. भटनागर ने भी स्थिति पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि विद्युत लाइनों और संरचनाओं से छेड़छाड़ करना कानूनन गंभीर अपराध है। विभाग इस मामले में किसी भी स्तर पर नरमी नहीं बरतेगा और जल्द ही औचक जांच कराकर दोषी ठेकेदार पर भारी जुर्माना और सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस बड़ी कार्रवाई के संकेत के बाद क्षेत्र के अन्य निर्माण कार्यों में मनमानी करने वाले ठेकेदारों में भी हड़कंप मच गया है।
