कबीरधाम (छत्तीसगढ़):-थाना पंडरिया पुलिस ने असिस्टेंट पोस्ट मास्टर की नौकरी लगवाने का झांसा देकर 2 लाख 74 हजार रुपये की ठगी करने वाले शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पीड़ित को फर्जी नियुक्ति पत्र देकर ठगी का शिकार बनाता था और पूर्व में भी उस पर अन्य थानों में धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं।
मुख्य बिंदु:
- आरोपी का नाम: पंकज टंडन (उम्र 31 वर्ष), निवासी मल्दा कला, थाना हसौद, जिला सक्ती (छत्तीसगढ़)।
- पीड़ित: नंदलाल चन्द्राकर, निवासी किशुनगढ़।
- ठगी की गई कुल राशि: 2,74,000/- रुपये (गूगल-पे और नगद के माध्यम से)।
- मामला दर्ज: थाना पंडरिया में अपराध क्रमांक 94/2025, धारा 420 भादवि के तहत पंजीबद्ध।
घटना का विवरण:
प्रार्थी नंदलाल चन्द्राकर ने 23 मई 2025 को थाना पंडरिया में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि आरोपी पंकज टंडन ने असिस्टेंट पोस्ट मास्टर पद पर नौकरी लगवाने का झांसा दिया। विश्वास में लेने के लिए आरोपी ने अलग-अलग किस्तों में कुल 2,74,000 रुपये ऐंठे और एक फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया। आरोपी ने पीड़ित को ग्राम सैनगुड़ा, थाना चिल्फी में ज्वाइन करने का झांसा भी दिया था।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी:
कबीरधाम पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव (IPS) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी पंडरिया निरीक्षक अजय सिन्हा के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।
- तपिश और पूछताछ: पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी पंकज टंडन को उसके गृहग्राम मल्दा कला (जिला सक्ती) से हिरासत में लिया।
- अपराध कबूला: पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने नौकरी के नाम पर पैसे लिए थे और ठगी की रकम को दिल्ली जाकर अपने निजी खर्चों में उड़ा दिया। उसने साक्ष्य मिटाने के लिए अपराध में प्रयुक्त लैपटॉप, प्रिंटर, मोबाइल और सिम को भी नष्ट कर फेंक दिया था।
- जब्ती: पुलिस ने आरोपी के कब्जे से शेष बचे 2,000 रुपये नगद जप्त किए हैं।
- पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड: आरोपी के खिलाफ थाना मालखरौदा (जिला सक्ती) में भी पूर्व से धारा 318(4), 338, 336, 3(5) बीएनएस के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज है।
आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उसे ज्यूडिशियल रिमांड पर भेज दिया गया है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी अजय सिन्हा, एएसआई मानिक सिन्हा, आरक्षक राजू चंद्रवंशी और मोती राम चंद्रवंशी की सराहनीय भूमिका रही।
