
■देवकर:- नगर निकटस्थ ग्राम सहसपुर में आयोजित तीजा महोत्सव के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करने वाले विजेता प्रतिभागियों को छत्तीसगढ़ी संस्कृति के रूप में हमर चिन्हारी द्वारा सम्मानित किया गया। इस भव्य आयोजन में विजेताओं को पारंपरिक रूप से रुपया माला पहनाकर उनका उत्साहवर्धन किया गया, ताकि वे कला और संस्कृति के क्षेत्र में और अधिक आगे बढ़ सकें। इस दौरान हमर चिन्हारी ब्रांड का मुख्य उद्देश्य केवल पारंपरिक वस्त्रों, आभूषणों और हस्तशिल्प को बढ़ावा देना ही नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ की माटी की प्रतिभाओं को एक सशक्त मंच प्रदान करना भी है।इस अवसर पर संस्था का मानना है कि प्रदेश की असली पहचान यहां की संस्कृति, लोक परंपरा और स्थानीय प्रतिभाओं में ही बसती है, जो हमारी सांस्कृतिक धरोहर को समृद्ध करती है

दरअसल इस सहसपुर गाँव मे आयोजित इस तीजा महोत्सव के अंत में ब्रांड की ओर से यह संदेश दिया गया कि प्रतिभा ला सम्मान, संस्कृति ला पहचान, यही आय हमर चिन्हारी के अभियान के नाम से आयोजकों ने यह भी स्पष्ट किया कि अपन माटी, अपन संस्कृति, अपन पहिचान’ के इस संकल्प के साथ भविष्य में भी स्थानीय कलाकारों और सांस्कृतिक आयोजनों को निरंतर प्रोत्साहित किया जाता रहेगा। फलस्वरूप रविवार को सहसपुर में प्रतिवर्ष की भाँति तीजा पर्व पर विविध कार्यक्रम का आयोजन हुआ जिसमें स्थानीय ग्रामीणो सहित आसपास के क्षेत्रवासियों की मौजूदगी रही।
