दुर्ग / भिलाई:-दुर्ग जिले के थाना मोहन नगर क्षेत्र अंतर्गत भूमि क्रय-विक्रय के नाम पर धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक जमीन दलाल को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि इस मामले में शामिल अन्य दो आरोपी अभी भी फरार हैं।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता विजय सिंह चौहान (निवासी शांति नगर, वैशाली नगर) ने 14 सितंबर 2026 को थाना मोहन नगर में शिकायत दर्ज कराई थी। उनके अनुसार, वर्ष 2024 में उनकी मुलाकात आरोपी अजय साहू से हुई थी, जिसने खुद को जमीन का दलाल बताकर उनकी पहचान लोकेश खुल्लर और अमित साहू से कराई थी।
आरोपियों ने प्रार्थी को उरला, दुर्ग स्थित लगभग 10 हजार वर्गफीट जमीन दिखाकर कम समय में अधिक मुनाफे का झांसा दिया। प्रार्थी द्वारा अकेले पूरी जमीन खरीदने में असमर्थता जताने पर, आरोपी लोकेश खुल्ler ने आधी जमीन खुद खरीदने और प्रार्थी के साथ साझेदारी में सौदा करने की बात कही।
इस तरह दिया धोखाधड़ी को अंजाम
- तय हुआ सौदा: जमीन का सौदा 1,250 रुपये प्रति वर्गफीट की दर से तय हुआ और 7 अक्टूबर 2024 को इसका इकरारनामा (एग्रीमेंट) कराया गया।
- लाखों का लेन-देन: आरोपियों के कहने पर प्रार्थी ने 3 अक्टूबर 2024 को अमित साहू को 51,000 रुपये तथा 7 अक्टूबर 2024 को भूमि स्वामियों के नाम पर 5 लाख और 4.50 लाख रुपये के चेक दिए, जो खातों से निकाल लिए गए।
- टालमटोल और धोखा: रजिस्ट्री से पहले जमीन का सीमांकन कराने और मौके पर मौजूद बिजली खंभे को हटवाने की जिम्मेदारी लोकेश खुल्लर ने ली थी। लेकिन बार-बार आश्वासन देने के बावजूद न तो सीमांकन कराया गया और न ही रजिस्ट्री।
- खुलासा: बाद में प्रार्थी को पता चला कि जिस जमीन का सौदा उनके साथ हुआ था, उसे चुपचाप किसी अन्य व्यक्ति को अधिक कीमत पर बेच दिया गया है। पैसे वापस मांगने पर आरोपियों ने राशि देने से इनकार कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई
शिकायत मिलने पर थाना मोहन नगर पुलिस ने तत्काल अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की। मामले की जांच के बाद मुख्य आरोपी लोकेश खुल्लर उर्फ लक्की (उम्र 38 वर्ष, निवासी मैत्री नगर, रिसाली, भिलाई) को 15 सितंबर 2026 को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। प्रकरण में शामिल अन्य 02 फरार आरोपियों की तलाश सरगर्मी से जारी है।
🚨 दुर्ग पुलिस की खास अपील
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि जमीन या किसी भी संपत्ति की खरीद-बिक्री से पहले उसके मालिकाना हक, दस्तावेजों, सीमांकन और पंजीयन की पूरी जांच जरूर करें। किसी के भी बहकावे में आकर कम समय में अधिक लाभ के प्रलोभन में बिना सोचे-समझे पैसों का लेन-देन न करें। संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।
